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अब गुजरात तट से नहीं टकराएगा चक्रवात, लेकिन नहीं टला 'वायु' का खतरा


हाईलाइट

  • मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में अगले 24 घंटे बेहद अहम हो सकते हैं
  • तेज हवाओं के साथ समुंदर का विराट रूप देखने को भी मिल सकता है
  • तटीय इलाकों के तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। चक्रवाती तूफान के रातभर में रास्ता बदल लेने की खबर से गुजरात वासियों के लिए कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात ‘वायु’ के रास्ता बदल लेने के बाद इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। हालांकि गुजरात पर अभी भी चक्रवात वायु का खतरा टला नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी। 

मौसम विभाग ने इस बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने और तेज हवा चलने की संभावना भी जताई है।

तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश
मौसम विभाग की मानें तो गुजरात में अगले 24 घंटे बेहद अहम हो सकते हैं। इस दौरान तटवर्ती जिलों में हवाओं की रफ्तार काफी तेज होगी और बहुत देर तक चलेगी। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश भी होगी। फिलहाल गुजरात के तटीय क्षेत्र में अभी तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है। इस बीच समुंदर का विराट रूप देखने को भी मिल रहा है। जहां लहरें काफी ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं। 

विमान और ट्रेन सेवाएं प्रभावित
वायु तूफान के खतरों को भांपते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 

चक्रवात वायु के खतरे को देखते हुए पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोद और कांडला एयरपोर्ट पर सेवाओं को बंद कर दिए गए हैं। इसकी वजह से 400 विमान सेवाएं प्रभावित हुई है। मौसम की स्थिति को देखने के बाद फिर से सेवाओं को शुरू किया जाएगा। 

वहीं पश्चिम मध्य रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्य कर दिया। पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुए मुख्यमार्ग की 70 रेलगाड़ियों को पूरी तरह निरस्त और ऐसी ही 28 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करते हुए गंतव्य से पहले ही रोक दिया है। 

राज्य और केंद्र सरकार की नजर
बता दें कि इस तूफान से निपटने के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की तरफ से भी इस पर नजरें बनी हुई हैं। चक्रवात वायु के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कई तरह की व्यवस्था की हुई हैं। प्रशासन ने खाने के पैकेट भी तैयार किए हुए हैं, जिसे जरुरतमंदों को दिया जा सके। किसी भी अनहोनी का सामना करने के लिए NDRF की 52, SDRF की 9, SRP की 14 कंपनियां तैनात हैं। गुजरात के तटीय इलाकों में अभी भी अलर्ट जारी है। 

हेल्पलाइन नंबर
चक्रवाती तूफान वायु के दौरान लोगों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन और एनडीआरएफ ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। एनडीआरएफ का हेल्पलाइन नंबर- 91-9711077372 है। वहीं चक्रवात वायु प्रभावित जिलों के हेल्पलाइन भी जाी किए गए हैं। इनमें जामनगर कंट्रोल रूम नंबर: 0288-2553404द्वारका कंट्रोल रूम नंबर: 02833-232125पोरबंदर कंट्रोल रूम नंबर: 0286-2220800दाहोद कंट्रोल रूम नंबर: 02673-239277नवसारी कंट्रोल रूम नंबरः 02637-259401पंचमहल कंट्रोल रूम नंबर: +912672242536छोटा उदयपुर कंट्रोल रूम नंबर: +912669233021कच्छ कंट्रोल रूम नंबर: 02832-250080राजकोट कंट्रोल रूम नंबर: 0281-2471573अरावली कंट्रोल रूम नंबर: +912774250221
 

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