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ईद पर कश्मीर घाटी में डोभाल का हवाई सर्वेक्षण, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा

August 12th, 2019 22:22 IST
ईद पर कश्मीर घाटी में डोभाल का हवाई सर्वेक्षण, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा

हाईलाइट

  • अजीत डोभाल ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया
  • हवाई सर्वेक्षण कर उन्होंने सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया
  • पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह और सेना के कमांडरों ने भी हवाई सर्वेक्षण किया

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। दरअसल, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद ईद का त्योहार सख्त प्रतिबंधों के बीच मनाया जा रहा है जिसके मद्देनजर डोभाल ने ये हवाई सर्वे किया है। डोभाल के अलावा पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह और सेना के कमांडरों ने भी कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्सों में एरियल विजिट कीं।

अधिकारियों ने कहा कि स्थिति बिल्कुल ठीक है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन ने एक बयान में कहा कि श्रीनगर में आतंकवादी और शरारती तत्व सार्वजनिक व्यवस्था और शांति भंग करने की कोशिश कर सकते थे, इसे ध्यान में रखते हुए, संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने और एक दूसरे को बधाई देने के लिए एकत्रित हुए।

बयान के अनुसार, बांदीपोरा (डार उल उलूम रहिमिया 5,000, जामिया मस्जिद 2,000), बारामूला (10,000), कुपवाड़ा (ईदगाह 3,500), तिरेगाम (3,000), सोपोर (1,500), कुलगाम (काजीगुंड 5,500, क़ाइमोह 6,000), शोपियां (3,000), पुलवामा (1,800), अवंतीपोरा (2,500), अनंतनाग (अचबल 3,000), गांदरबल (7,000 से अधिक), बडगाम (चारर-ए-शरीफ़ 5,000, मागम 8,000), श्रीनगर (सैकड़ों स्थानीय मस्जिदें) सहित कई स्थानों पर बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हुए।

जम्मू की ईदगाह में, 5000 से अधिक लोगों ने प्रार्थना की। इसी तरह की बड़ी सभाएं प्रांत में भी हुईं। बयान में कहा गया है कि 'कुछ स्थानों पर मामूली विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। पत्थरबाजी की कुछ घटनाएं हुई हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। एक या दो व्यक्तियों को छोड़कर कोई बड़ी चोट नहीं आई है।'

जम्मू-कश्मीर में अभी भी सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर कनेक्टिविटी पर प्रतिबंध लगा हुआ है। हालांकि, लोगों को राज्य के बाहर अपने रिश्तेदारों और बच्चों से संपर्क करने की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए सुविधाजनक स्थानों जैसे जिला आयुक्त कार्यालय, पुलिस स्टेशनों और पुलिस पोस्ट पर हेल्प लाइन की व्यवस्था की गई है। इन जगहों से हर दिन हजारों कॉल हो रहें हैं। श्रीनगर में एक दिन में 5000 से अधिक कॉल किए गए।

फोन कनेक्टिविटी के लिए 300 से अधिक पब्लिक पॉइंट कश्मीर डिवीजन में कार्यात्मक हैं। मीडिया को राज्य सरकार की ओर से स्थापित मीडिया सेंटर के माध्यम से सुविधा प्रदान की जा रही है। मीडिया सेंटर में हर दिन सुबह 11 बजे और शाम 6 बजे एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी नियमित ब्रीफिंग कर रहे हैं। मीडिया सेंटर में फोन और इंटरनेट की सुविधा भी दी गई है। 

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