comScore
Dainik Bhaskar Hindi

पुणे हिंसा के बाद 13 जिलों में कर्फ्यू, आज महाराष्ट्र बंद का एलान

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 03rd, 2018 11:09 IST

34.1k
0
0

डिजिटल डेस्क, पुणे। महा कोरेगांव भीमा इलाके में दो गुटों के बीच संघर्ष के बाद माहौल तनावपूर्ण है। इसकी आंच अब राजधानी मुंबई तक पहुंच गई है। चेंबूर में रेल रोकने की कोशिश की गई । सैंकड़ों की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए। समूह में मौजूद लोग रास्ता रोकने की कोशिश करते दिखे। हालांकि पुलिस उन्हें हटाने में कामयाब रही। हालतों को देखते हुए महाराष्ट्र के 13 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं दलित समुदाय ने आज महाराष्ट्र बंद का भी ऐलान किया है।

मामले की गंभीरता देखते ही गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर पुणे पहुंचे। जहां उन्होंने हालात का जायजा लिया। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि इस दौरान हड़पसर बेकराई नगर में बसों पर पथराव किया गया। 

 

बसों पर पथराव, तनावपूर्ण माहौल अब काबू में 

दरअसल 1 जनवरी को भीम कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ मनाने 5 लाख से ज्यादा लोग जुटे थे। हर साल एक जनवरी जयस्तंभ तक मार्च किया जाता हैं। इसी दौरान हुए विवाद के बाद दो गुट आमने-सामने हो गए। पुलिस और प्रशासन ने हवेली और शिरूर तहसील में धारा 144 लगाई है। जिससे स्थिति काबू में बताई जा रही है। सोमवार को दो गुट आपस में भिड़ गए थे। संघर्ष के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार राहुल फटांगले नामक युवक की मौत हुई है। जबकि तीन बुरी तरह घायल हुए। पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ शिक्रापुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया। जिसके बाद जांच शुरु कर दी गई। संघर्ष के दौरान युवकों ने दर्जनों वाहनों पर पथराव किया। कई वाहन जला दिए। घटना से गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

                               

                         

हवेली और शिरूर तहसील में कर्फ्यू

अतिरिक्त जिलाधिकारी राजेंद्र मुठे ने एहतियात के तौर पर हवेली और शिरूर तहसील में भारी पुलिस बल तैनात कराया। मोबाइल टॉवर बंद करने और आवश्यकतानुसार नेटवर्क जैमर लगाने का आदेश दिया गया है। पिछले दो दिन पूर्व वढू बुद्रुक गांव में समाज के दो गुटों में विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते सोमवार को कोरेगांव भीमा इलाके में जोरदार संघर्ष हुआ। पुलिस ने समय पर पहुंचकर माहौल पर काबू पाया। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया। राज्य आरक्षित पुलिस बल की टुकड़ियां और दंगे नियंत्रण पथक भी तैनात किया गया है।

                           
                           

वहीं इस मामले में सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर करीब तीन लाख लोग आए थे।  हमने पुलिस की 6 कंपनियां तैनात की थी, लेकिन  कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने के लिए हिंसा फैलाई।  इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मृतक के परिवार वालों को 10 लाख के मुआवजा दिया जाएगा। 

                             

वहीं इस हिंसा के लिए NCP सुप्रीमो शरद पवार ने दक्षिणपंथी संगठनों की जिम्मेदार बताया है इसके साथ ही आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पवार ने कहा कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह मनाई जा रही थी। हर साल यह दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है, लेकिन कुछ लोगों ने अशांति फैला दी। 

                            

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में जारी मराठा-दलितों की हिंसा को लेकर ट्वीट किया है। 
 


 

मिलिंद एकबोटे पर मामला दर्ज

वहीं समस्त हिंदू आघाड़ी के कार्याध्यक्ष मिलिंद एकबोटे और शिव प्रतिष्ठान के संभाजी भिड़े गुरूजी पर पिंपरी पुलिस थाने में हत्या का प्रयास, एट्राेसिटी, दंगे करवाना, आर्म एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच के लिए मामले को शिक्रापुर पुलिस थाने में स्थानांतरीत किया गया है।

पुलिस असली दोषियों पर कार्रवाई करें

समस्त हिंदू आघाड़ी के कार्याध्यक्ष एकबोटे ने कहा कि कोरेगांव भीमा में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम भी इसका निषेध करते है। समाज में दरार निर्माण करने तथा अफवाह फैलाने के पीछे जिन लोगों का हाथ हैं उनपर कार्रवाई करें। इस प्रकरण में मुझे और संगठन को जानबुझकर बदनाम किया जा रहा है।  
 

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ई-पेपर