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#GST को लेकर हैं कंफ्यूज ? आइए जानें रजिस्ट्रेशन के तरीके

July 27th, 2017 15:28 IST
#GST को लेकर हैं कंफ्यूज ? आइए जानें रजिस्ट्रेशन के तरीके

टीम डिजिटल, नई दिल्ली. देश के सिर्फ 30 फीसदी छोटे व्यापारियों को ही जीएसटी दरों की जानकारी हैं। इस आंकड़े का खुलासा ब्रिक वर्क्स के एक सर्वे में किया गया है। सर्वे में ये भी सामने आया हैं कि जीएसटी के ढांचे को लेकर 56 फीसदी कारोबारी कंफ्यूज हैं। 51 फीसदी कारोबारियों का मानना है कि कई दरों को लागू करने में दिक्कत आएगी। 50 फीसदी कारोबारियों का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की बिक्री में गिरावट आएगी। अब सवाल ये है कि व्यापारियों के विरोध, डर, गलत फहमियों के बाद जब जीएसटी वजूद में आएगा तब सरकार इस सबसे कैसे निपटेगी?

किसी कंफ्यूजन की वजह से अगर आप भी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए हैं, तो घबराइए नहीं। bhaskarhindi.com लेकर आया है जीएसटी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सारी जानकारी, जो आपके सारे कंफ्यूजन दूर कर देगा।

किसे कराना होगा रजिस्ट्रेशन

अगर टर्नओवर 20 लाख रुपये के ऊपर है और आप वैट, एक्साइज या सर्विस टैक्स में रजिस्टर्ड हैं तो बिना प्रोविजिनल जीएसटी रजिस्ट्रेशन के जीएसटी लागू होते ही आप अनरजिस्टर्ड कैटेगरी में आ जाएंगे। नए रजिस्ट्रेशन के लिए 30 दिन का वक्त होगा। पिछले इनपुट क्रेडिट और रिफंड के लिए आपको रजिस्टर्ड होकर माइग्रेट करना चाहिए।

रजिस्ट्रेशन की तारीख

सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि रजिस्ट्रेशन कब तक होगा। सरकार आखिरी मौका देते हुए एक बार फिर तारीखों का ऐलान किया है। 25 जून से 30 जून तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। इस बार अनरजिस्टर्ड या नए कारोबारी भी अप्लाई कर सकेंगे।

जानें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

देश भर में कारोबारियों के लिए कॉमन पोर्टल gst.gov.in है। आप जिस विभाग में रजिस्टर्ड हैं, उसके जरिए जीएसटीएन आईडी और पासवर्ड भेजा गया होगा। अनरजिस्टर्ड कारोबारियों के लिए 25 जून को पोर्टल ओपन होते ही एक खास लिंक दिया जाएगा, जहां से वो अपने लिए आईडी-पासवर्ड जेनरेट कर सकते हैं। आईडी वेरिफिकेशन के बाद स्थायी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालें। ओटीपी की मदद से आईडी पासवर्ड बदल लें। अनरजिस्टर्ड ट्रेडर्स को उनके मौजूदा डॉक्युमेंट्स के आधार पर आईडी जेनरेट करने का मौका मिलेगा।जीएसटी पोर्टल पर लॉग-इन करें। प्रविजनल आईडी-पासवर्ड एंटर करें।

जरूरी कागजात

आईडी-पासवर्ड एंटर करते ही एनरॉलमेंट ऐप्लिकेशन पेज पर जाएंगे, जहां अलग-अलग 8 टैब पर क्लिक कर ये जानकारियां दें- बिजनेस डिटेल्स, प्रमोटर या पार्टनर, अथॉराइज्ड सिग्नेटरी, कारोबार का मुख्य स्थान, कारोबार का अतिरिक्त स्थान, सामान और सेवाएं, बैंक अकाउंट। फिर डिजिटल सिग्नेचर का पेज खुलेगा, जिसे सबमिट करने के 15 मिनट के भीतर आपको ऐप्लिकेशन रेफरेंस नंबर (ARN)मिल जाएगा।

परेशानी होने पर लें मदद

किसी भी तरह की परेशानी होने पर cbecmitra.helpdesk@gst.gov.in पर अपनी डिटेल्स भेज सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1800-1200-232 पर कॉल कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन खर्च

अगर खुद रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं तो मुफ्त में हो सकता है क्योंकि इसकी कोई फीस नहीं है। सीए या आईटी सॉल्यूशन फर्म की मदद ले रहे हैं तो 1000 से 3000 रुपये तक खर्च आ सकता है।

क्या है GS-TIN

एनरॉलमेंट नंबर मिलने का मतलब है कि रजिस्ट्रेशन लगभग तय। डिपार्टमेंट सेल्स डिटेल्स सहित कुछ जानकारियां अपलोड करने को कह सकता है। इसके बाद एक प्रोविजिनल जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होगा, जो जीएसटी लागू होने के बाद स्थायी टिन नंबर होगा।​

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