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ओरिएंटेशन प्रोग्राम में दिए सक्सेस होने के टिप्स

ओरिएंटेशन प्रोग्राम में दिए सक्सेस होने के टिप्स

डिजिटल डेस्क, नागपुर। डॉ. वसंतराव देशपांडे हॉल में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, इसमें तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर विद्यार्थियों को आईआईटी, एम्स और नीट की तैयारी किस प्रकार से करें तथा सफलता कैसे हासिल करें के बारे में विस्तार से टिप्स दिए गए। कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। पहले सत्र में छात्रों और उनके परिजनों को आईआईटी और दूसरे सत्र में मेडिकल के बारे में जानकारी दी गई।

इस मौके पर विजिटर डेलिगेट्स के रूप में सी. आर. चौधरी, पंकज अग्रवाल और तुषार पारेख के साथ आशुतोष हिसारिया और मेंटर विकास सिंघल उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उस प्रणाली, संस्कृति और मूल्यों का परिचय देना था और सकारात्मकता, फोकस, अनुशासन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समग्र तरीका आसानी से समझाना था। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुआ, जिसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, प्रार्थना और राष्ट्रगान हुआ।

रचनात्मकता आवश्यक
तुषार पारेख ने एनटीएसई, केवीपीवाई और ओलंपियाड जैसे प्री नर्चर कैरियर फाउंडेशन प्रोग्राम और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने के बारे में बताया। पंकज अग्रवाल ने एलेन की प्रणाली और उसका महत्व बताया। सी. आर. चौधरी ने छात्रों और अभिभावकों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन के महत्व को समझाया। चौधरी ने कहा कि अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित करें, लक्ष्य को जल्दी निर्धारित करें और अपने विषयों पर ध्यान केंद्रित करें, तो सफलता कदम चूमेगी।

आप परीक्षा को क्रैक करते हैं या परीक्षा आपको क्रैक करती है, यह आपकी तैयारी पर निर्भर करता है। आईआईटी प्रवेश परीक्षा को क्रैक करने के लिए रचनात्मकता की आवश्यकता होती है,  जबकि एम्स गति और सटीकता की मांग करता है। शिक्षक के साथ छात्र का रिश्ता इंटेलिजेंस को बढ़ाता है। माता-पिता को आशावादी दृष्टिकोण सुनिश्चित करना चाहिए। आशुतोष हिसारिया ने प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के लिए छात्रों को एक आदर्श वातावरण प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।
 

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