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भारत के मिशन शक्ति से डरा पाक, चीन ने की शांति बरतने की अपील


हाईलाइट

  • भारत ने बुधवार को अंतरिक्ष में एक बड़ी कामयाबी हासिल की।
  • भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर दूर एक सैटेलाइट को नष्ट कर दिया।
  • भारत की इस कामयाबी से पाकिस्तान को सैन्य हमले का डर सता रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को अंतरिक्ष में एक बड़ी कामयाबी हासिल की। भारत ने अग्नि-5 एंटी सैटेलाइट मिसाइल से पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर दूर एक सैटेलाइट को नष्ट कर दिया। भारत की इस कामयाबी से पाकिस्तान को सैन्य हमले का डर सता रहा है। पाक ने बुधवार को अंतरिक्ष में सैन्य खतरों को लेकर एक कॉल जारी किया है। वहीं पड़ोसी देश चीन ने भी शांति बरतने की दुहाई की है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अंतरिक्ष मानव जाति की साझी विरासत है। हर देश की जिम्मेदारी है कि वह कम से कम अंतरिक्ष को किसी के अधीन नहीं मानें। सभी देशों को उन कार्यों से बचना चाहिए, जिनसे यह लगे कि अंतरिक्ष में भी सेना का दबदबा बढ़ रहा है, क्योंकि यह करना गलत होगा। अंतरिक्ष का उपयोग इंसानियत की भलाई के लिए होना चाहिए, न कि सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए। हम अंतरिक्ष में हथियार इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं। 

पाक ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा, कुछ ऐसे देश हैं जिन्होंने पहले अन्य देशों द्वारा अंतरिक्ष में हथियारों के उपयोग की कड़ी निंदा की थी। हमें उम्मीद है कि वह देश अब भी अंतरिक्ष से संबंधित सैन्य खतरों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय उपकरणों का विकास करेंगे और कोशिश करेंगे कि स्पेस में शांति भंग न हो। वह सभी देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलजुल कर काम करेंगे। 

वहीं दूसरी तरफ चीन ने कहा कि सभी देशों को अंतरिक्ष में शांति बरतने की जरूरत है। चीन ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि हमें इस बारे में जानकारी मिली है। हम उम्मीद करते हैं कि सभी देश अंतरिक्ष को लेकर सावधानी बरतेंगे। बता दें कि भारत के अलावा अमेरिका, रूस और चीन के पास भी सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता है। चीन ने यह परीक्षण जनवरी 2007 में किया था।

बता दें कि भारत अंतरिक्ष में चौथी सबसे बड़ी शक्ति बना गया है। भारत ने अंतरिक्ष में महाशक्ति हासिल करते हुए पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर दूर एक सैटेलाइट को मार गिराया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने इस अभियान को 'मिशन शक्ति' नाम दिया है। इस मिशन को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के जरिए अंजाम दिया। एंटी सैटेलाइट मिसाइल भी स्वदेश निर्मित ही है। इसमें DRDO के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया गया था। भारत ने इसके लिए देश में ही विकसित एंटी बैलिस्टिक अग्नि-5 मिसाइल का उपयोग किया। अग्नि-5 की रेंज 5500 किलोमीटर तक है। इसकी रफ्तार आवाज से 24 गुना ज्यादा होती है। 


 

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