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मुशर्रफ को कल तक वतन लौटने का हुक्म , पाक सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

BhaskarHindi.com | Last Modified - June 13th, 2018 19:27 IST

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मुशर्रफ को कल तक वतन लौटने का हुक्म , पाक सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

News Highlights

  • पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को 14 जून तक देश लौटने दिया आदेश।
  • कोर्ट के आदेश पालन नहीं करने पर मुशर्रफ के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन।
  • पाकिस्तान की विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था।


डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को वतन लौटने के लिए 14 जून दोपहर दो बजे तक का समय दिया है। अगर मुशर्रफ आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। शीर्ष अदालत के चीफ जस्टिस मिआन सादिक निसार ने यह बातें कहीं हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो के अनुसार, जस्टिस सादिक निसार ने कहा कि यदि मुशर्रफ खुद को कमांडो मानते हैं, तो उन्हें कोर्ट में हाजिर होना चाहिए। 

जस्टिस सादिक ने सवाल किया कि आखिर मुशर्रफ पाकिस्तान वापस आने से डर क्यों रहे हैं? उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में पेश होने तक परवेज मुशर्रफ की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि इससे पहले पाकिस्तान के केयरटेकर पीएम नासिरुल मुल्क के आदेश पर नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) मुशर्रफ के राष्ट्रीय पहचान पत्र को रद्द कर चुका है। 

विशेष अदालत से भगोड़ा अपराधी घोषित  

बता दें कि मुशर्रफ का पासपोर्ट भी रद्द हो गया है और नागरिकता भी खत्म हो गई है। मुशर्रफ के खिलाफ यह कार्रवाई उस समय की गई, जब देश में आम चुनाव हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिलहाल मुशर्रफ दुबई में हैं। राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट रद्द होने के चलते अब उनका दुबई में रहना गैर कानूनी हो गया है। मुशर्रफ 18 मार्च 2016 को इलाज के लिए पाकिस्तान से दुबई चले गए थे, इसके बाद वह वापस ही नहीं लौटे। पाकिस्तान की विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था। 

राष्ट्रद्रोह के आरोपों में दोषी करार

कोर्ट में उनके पेश नहीं होने के कारण उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया था। अदालत ने संघीय सरकार को यह आदेश भी दिया था कि वह मुशर्रफ के कम्प्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट को निलंबित कर दे। मुशर्रफ को वर्ष 2007 में देश में आपातकाल लगाने के लिए मार्च 2014 को राष्ट्रद्रोह के आरोपों में दोषी करार दिया गया था। देश में आपातकाल लगाने के बाद कई वरिष्ठ न्यायाधीशों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था।

इस दौरान करीब 100 से अधिक जजों को बर्खास्त कर दिया गया था। मुशर्रफ साल 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद पर थे। उन पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या सहित कई आपराधिक मामलों के आरोप लगाए गए हैं। 
 

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