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बजट सत्र: राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों को किया संबोधित

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 06th, 2018 15:51 IST

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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। सोमवार से ससंद का बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ हुई। राष्ट्रपति कोविंद संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें

  • मेरी सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है। श्रम कानूनों के पालन के लिए रजिस्टर की संख्या 56 से घटाकर 5 कर दी गयी है। अब श्रम सुविधा पोर्टल पर सभी रिटर्न ऑनलाइन भरे जाते हैं 
  • जो उद्योग या कंपनियां नौकरियों के नए अवसर सृजित कर रही हैं उन्हें ‘प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना’ के तहत आर्थिक मदद दी जा रही है। 20 लाख से ज्यादा लाभार्थी इस योजना से सहायता प्राप्त कर चुके हैं।
  • पिछले साढ़े तीन वर्षों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 93 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी’ के अंतर्गत गरीबों को घर बनाने के लिए ब्याज दर में 6 प्रतिशत की राहत दी जा रही है।
  • हर गरीब को भरपेट भोजन मिले, इसके लिए कानून के उद्देश्य को प्रभावी बनाना अनिवार्य है। National Food Security Act के तहत देश के सभी राज्यों में सस्ती दरों पर खाद्यान्न देने की व्यवस्था को पारदर्शी और लीकेज प्रूफ बनाया जा रहा है ।
  • समाज के प्रत्येग वर्ग की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील मेरी सरकार ने ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है ।
  • सरकार ने #MaternityBenefitAct में बदलाव करके एक बड़ा कदम उठाया है, महिलाओं को 12 हफ्ते के स्थान पर वेतन सहित, 26 हफ्ते की छुट्टी का प्रावधान किया गया है, अब कामकाजी महिलाओं को अपने नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अधिक समय मिला करेगा।
  • ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान’ के अंतर्गत मेरी सरकार विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम चला रही है। इस कार्यक्रम के तहत अभी तक एक करोड़ लोगों को डिजिटल रूप में साक्षर कर दिया गया है।
  • मेरी सरकार ने मेट्रो परियोजनाओं के लिए भी एक नई नीति बनाई है। नई नीति में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ पर जोर दिया गया है। देश में, अभी 11 शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
  • पहली बार ऐसा अवसर आया है जब देश में बिजली क्षमता के विस्तार में लक्ष्य से अधिक बढ़ोतरी हुई है। अब भारत बिजली का नेट एक्सपोर्टर बन गया है। 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है।
  • स्वतन्त्रता के बाद देश में जहां केवल 76 हवाई अड्डे ही वाणिज्यिक उड़ानों से जुड़े थे वहीं ‘उड़ान’ योजना के मात्र 15 महीनों में 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपैडों को जोड़ने के लिए कार्य शुरू किया गया है। अब तक 16 ऐसे हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू भी हो चुकी हैं 
  • पिछले तीन वर्षों में, पूर्वोत्तर राज्यों में विद्युत प्रसारण एवं वितरण नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की है ।
  • जम्मू और कश्मीर के अंदरूनी इलाकों में आतंकवादी हिंसा, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ से सीधे-सीधे जुड़ी है। हमारे सैन्य और अर्धसैन्य बल तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस आपस में बेहतर तालमेल के साथ इस हिंसा का उपयुक्त जवाब दे रहे हैं।
  • पिछले वर्ष Missile Technology Control Regime में शामिल होने के पश्चात् भारत को इस वर्ष Wassenar Arrangement और Australia Group में भी सदस्य के रूप मे शामिल किया गया है। यह सफलता लंबी जद्दोजहद के बाद मिली है और मेरी सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है ।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है। इसी कड़ी में पिछले एक वर्ष में लगभग 350,000 संदिग्ध कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है।
  • देश के आर्थिक एकीकरण के लिए, सरकार ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा टैक्स -सुधार, Goods and Services Tax के रूप में किया है। कीमतों के कम होने का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच सके, इसके लिए मेरी सरकार द्वारा National Anti-Profiteering Authority का गठन भी किया गया है।
  • वर्ष 2017 में विदेशी मुद्रा भंडार 410 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर से ऊपर चला गया। मेरी सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी पिछले तीन वर्षों के दौरान 36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 60 बिलियन अमेरिकी डालर तक पहुंच गया है।
  • राष्ट्र निर्माण एक अनवरत प्रक्रिया है, जिसमें देश के हर व्यक्ति की अपनी-अपनी भूमिका है। हम सभी का कर्त्तव्य है कि देश के सम्मुख अनुकरणीय आचरण प्रस्तुत करें। राष्ट्र निर्माण से जुड़े लक्ष्य समय पर पूरे हों, यह दायित्व हम सभी का है
 

पीएम ने की अपील

सत्र से पहले सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तीन तलाक बिल महिलाओं के हित में है। पीएम ने बिल को पास कराने के लिए सभी पार्टियों से सहयोग की अपील की है। पीएम ने कहा कि ये बजट जनता को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

तीन तलाक बिल पास कराने पर जोर

आज से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में सरकार की कोशिश होगी कि तीन तलाक विधेयक पारित करा लिया जाए। हालांकि विपक्ष भी अपना कड़ा रुख अपना सकता है। सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों के नेताओं से बजट सत्र की सफलता सुनिश्चित करने की अपील की। तीन तलाक पर उन्होंने कहा कि सरकार बजट सत्र के दौरान एक बार में तीन तलाक संबंधी विधेयक को पारित कराना सुनिश्चित करने के लिए हर प्रयास करेगी।


विपक्ष का भी कड़ा रुख

वहीं विपक्षी दल कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, संवैधानिक संस्थाओं पर कथित प्रहार और जीएसटी तथा कारोबारियों की स्थिति, किसानों की समस्या जैसे विषयों पर चर्चा करना चाहती है। बैठक में कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम देश के समक्ष उत्पन्न सभी समसामयिक विषयों पर चर्चा करना चाहते हैं। सरकार को सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए और विपक्ष को देश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को उठाने देना चाहिए।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा नेता मुलायम सिंह यादव, भाकपा नेता डी राजा, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, सुदीप बंदोपाध्याय, द्रमुक की कनीमोझी जैसे नेताओं ने हिस्सा लिया।

9 फरवरी तक चलेगा सत्र 

गौरतलब है कि बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने के बाद यह देश का पहला बजट होगा। बता दें कि पहले बजट फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होता था, लेकिन मोदी सरकार ने 2017 में ब्रिटिशकालीन इस परंपरा को खत्म करते हुए पहली बार आम बजट एक फरवरी को पेश किया था। इसके पीछे यह तर्क दिया गया था कि एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होती है। ऐसे में जल्द बजट पेश करने से समय पर धन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। इस बदलाव के साथ ही रेल बजट को भी अलग से पेश करने की परंपरा को समाप्त कर दिया गया था। रेल बजट को भी अब आम बजट में ही मिला दिया गया है।

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