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प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी 20 लाख तक टैक्स फ्री ग्रैच्यूटी

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 16th, 2018 10:23 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा से पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी अमेंडमेंट बिल 2017 को मंजूरी मिल गई। इसके तहत  प्राइवेट सेक्टर और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संगठनों के कर्मचारियों के ग्रैच्यूटी की अधिकतम सीमा में वृद्धि की जाएगी, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुसार सीसीएस (पेंशन) नियमावली के अधीन शामिल नहीं होगी।

गुरुवार को सदन ने इस विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी प्रदान कर दी गई।  लोकसभा में श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी अमेंडमेंट बिल 2017 को पारित करने के लिए पेश किया।  इसके तहत केंद्र सरकार में निरंतर सेवा में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर 'मैटरनिटी लीव की अवधि' (26 सप्ताह) को अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है।

बता दें कि अभी 10 या इससे अधिक लोगों को नियोजित करने वाले निकायों के लिए पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी बिल 1972 लागू है, जिसके तहत कारखानों, बागानों, पत्तनों, रेल कंपनियों, दुखानों, तेल क्षेत्रों या अन्य प्रतिष्ठानों में लगे कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने 5 वर्ष की नियमित सेवा प्रदान की है। 

सातवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रैच्यूटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया था। अधिनियम की धारा 4 के अधीन ग्रैच्यूटी की अधिकतम सीमा वर्ष 2010 में 10 लाख रुपये रखी गई थी।

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