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सीएम कमलनाथ की बढ़ सकती है मुश्किलें, एच एस फुल्का ने खोला मोर्चा

January 04th, 2019 23:37 IST
सीएम कमलनाथ की बढ़ सकती है मुश्किलें, एच एस फुल्का ने खोला मोर्चा

हाईलाइट

  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ की भी मुश्किले बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
  • एडवोकेट एचएस फुल्का ने शुक्रवार को कहा कि 84 दंगा पीड़िता का संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
  • जब तक कमल नाथ को जेल नहीं भेज दिया जाता तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1984 सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ की भी मुश्किले बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद एडवोकेट एचएस फुल्का ने शुक्रवार को कहा कि 84 दंगा पीड़िता का संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। जब तक कमल नाथ को जेल नहीं भेज दिया जाता तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए फुल्का अब अन्ना हजारे के आंदोलन की तर्ज पर पंजाब में एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

एचएस फुल्का ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार सिख दंगों का दोषी था और उसे जेल भिजवाना उनकी जिंदगी का मिशन था। सज्जन कुमार को भले ही सजा हो गई है, लेकिन इसके बावजूद अभी भी जगदीश टाइटलर और कमल नाथ जैसे लोग बाहर हैं। उन्होंने कहा, कमलनाथ और टाइटलर को भी जेल हो इसके लिए वह मूवमेंट खड़ा करेंगे। ये मूवमेंट अन्ना हजारे के मूवमेंट जैसा होगा।

फुल्का ने कहा, आज ऐसे कई समाजसेवी है जिन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ दिया है। बहुत वकील हैं जो मुफ्त में वकालत करते हैं, बहुत डॉक्टर फ्री में प्रैक्टिस करते हैं। ऐसे लोगों को साथ मिलाकर फिर से अन्ना हजारे जैसा मूवमेंट खड़ा करना होगा। बता दें कि अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी थी, उसी मुहिम में शामिल लोगों ने मिलकर बाद में आम आदमी पार्टी का गठन किया था। हालांकि गठन के समय आम आदमी पार्टी में जितने लोग जुड़े थे उनमें से अधिकतर प्रभावशाली लोग अब पार्टी छोड़ चुके हैं।

गौरतलब है कि कमलनाथ और जगदीश टाइटलर पर 1984 के सिख दंगों में शामिल होने का आरोप है। कमलनाथ इस वक्त मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री है। जिस दिन कमलनाथ ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, उसी दिन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सिख समाज जिस नेता को दोषी मानता है, कांग्रेस उसे ही मुख्यमंत्री की शपथ दिला रही है।

हालांकि बाद में कमलनाथ ने इन आरोपों का जवाब देते हु कहा था 'मैंने आज शपथ ली है... पहले भी मैं कई बार शपथ ले चुका हूं, लेकिन उस वक्त किसी ने कुछ नहीं कहा। मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है, मेरे खिलाफ कोई एफआईआर या चार्जशीट भी नहीं है। मैं पार्टी दिल्ली का इंचार्ज भी रहा हूं।' 

इससे गुरुवार को पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने एक भाषण में कहा था कि जिन लोगों पर सिख दंगों में शामिल होने का आरोप लगा है उन्हें कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बना दिया है।

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