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पिकनिक स्पाट्स नहीं खतरे से खाली, मस्ती के आलम में जान गंवा रहे लोग

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 12th, 2018 18:00 IST

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पिकनिक स्पाट्स नहीं खतरे से खाली, मस्ती के आलम में जान गंवा रहे लोग

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अवकाश के दिनों को कुछ खास बनाने का आजकल क्रेज है। फ्रेंडशिप डे, न्यू ईयर, होली, 15 अगस्त जैसे अवकाश के दिन युवाओं के पास समय होता है और वे दोस्तों के साथ कहीं दूर जाने की फिराक में ही होते हैं, मगर कुछ घटनाएं उन्हेें सावधान करने के लिए काफी हैं। वक्त चेत जाने का है...वर्ना मस्ती के आलम में जान गंवाने वालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।

ये हैं  पिकनिक स्पॉट
माेहगांव झिल्पी, सलाईमेंढा, रामाडैम, नवेगांव डैम, देवकुंड, बाेरगांव, कान्होलीबारा, हिंगना, कन्हान नदी, कुही, पांचगांव, कलमेश्वर, उमरेड रोड पर तालाब, कुंवाराभिवसेन, वाकी, डूंडा मारुति आदि।

गंभीर हादसे और खूनी वारदातें
संतरानगरी और इसके आस-पास कई खूबसूरत जगहें हैं। इनमें तालाब, नदी, झरने भी शामिल हैं। प्राकृतिक दृश्य तो काफी रमणीय है, पर सुरक्षा में कमी के कारण यहां अक्सर गंभीर हादसे व खूनी वारदातें हो जाती हैं। हाल ही में नागपुर में फ्रेंडशिप डे के दिन एक हादसे में 5 युवकों की जान चली गई थी। पिछले वर्ष पिकनिक स्पॉट पर तेज बहाव में कई लोगों की जान चली गई थी।

टीम तुरंत पहुंचती है
हमारी कंट्रोल सेल फाेर्स है, ये टीम हमेशा तैयार रहती है। हादसों की जानकारी मिलते ही टीम तुरंत पंहुचती है। खास दिनों में पेट्रोलिंग भी की जाती है। वैसे हम लोगों को ‘एजुकेट’ भी करते हैं। पब्लिक हॉली डे पर लगातार पेट्रोंलिंग करते हैं। हमने हर तालाब के पास और पिकनिक स्पॉट पर फलक लगाकर रखे हैं, ताकि लोग सचेत रहें।  
राकेश ओला, एसपी ग्रामीण

बोर्ड लगाए गए हैं
शहर के दूर-दराज इलाकों में जहां लोग पिकनिक मनाने व टाइम स्पेंड करने जाते हैं, उनके लिए बोर्ड लगाए गए हैं कि गहरा पानी खतरनाक हो सकता है। हर जगह लाइफ गार्ड रखना मुश्किल है, परंतु हम अन्य तरीकों से लोगों को अवेयर करते हैं। (प्रकाश पाटील, डिप्टी कलेक्टर) 

CCTV कैमरे जरूरी
अवकाश के दिनों में तालाबों और पिकनिक स्पॉटों पर प्रशासन की कड़ी नजर होनी चाहिए। CCTV कैमरे लगाने चाहिए। वाकी में लोगों की डूबने की घटनाएं हुईं है। कुंवाराभिवसेन, सलाईमेंढा में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। मृतकों के नाम व फोटो लगे फ्लेक्स वहां लगाने चाहिए, ताकि लोग अवेयर रहें। उन्हें ध्यान रहेगा कि यह जगह कितना खतरनाक हो सकता है। 
(सुनील राऊत, अतिरिक्त अग्निशमन अधिकारी)

हर जगह लाइफ गार्ड लगाना मुश्किल
बड़े अवसरों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जवान मुस्तैद रहते हैं पर रोज के लिए ऐसी कोई यंत्रणा नहीं है। अभी कोई ऐसी योजना भी नहीं है। नागपुर के पास बहुत सी अनआइडेंटिफाइड जगहें हैं और हर जगह लाइफ गार्ड लगाना मुश्किल है। कन्हान नदी के पास भी कई बड़े आयोजन होते रहते हैं, वहां भंवर तैयार होते रहते हैं। घुटने भर पानी में ही भंवर नीचे खींच लेता है। शहर के 10 किलोमीटर के दायरे में ऐसी कई जगहें हैं, उनसे थोड़ा संभलकर रहना चाहिए। ऐसे मौकों पर पुलिस भी उचित व्यवस्था करती है। रेस्क्यू के लिए हम हमेशा तैयार रहते हैं। 
(राजेंद्र उचके, अग्निशमन अधिकारी) 

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