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US में बोले मोदी, सर्जिकल स्ट्राइक दुनिया को हमारी ताकत का एहसास

July 27th, 2017 15:55 IST
US में बोले मोदी, सर्जिकल स्ट्राइक दुनिया को हमारी ताकत का एहसास

टीम डिजिटल, वाशिंगटन। भारत दुनिया के देशों को यह बताने में सफल रहा है कि आतंकवाद से लड़ाई कितनी जरूरी है। तीन साल में हमारी सरकार पर कोई दाग नहीं लगा। यहां अप्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि भारत जब आतंकवाद की बात करता था तो कई देश ऐसे थे, जिन्हें यह गले नहीं उतरता था, क्योंकि उन्होंने भुगता नहीं था। आज आतंकवाद ने सब समझा दिया है। भारत सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो दुनिया को हमारी ताकत का अहसास होता है कि हम संयम रखते हैं, लेकिन जरूरत पड़े तो हम अपने सामर्थ्य का परिचय भी देते हैं।हम अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे और दुनिया हमें रोक नहीं सकती। 

मैं विश्वास दिलाता हूं कि जो सपने आपने देखे हैं, वो आपके रहते हुए पूरे होंगे। भारत में जिन विषयों पर सरकारें बदनाम होती रहीं और बदलती रहीं, उसका कारण यह नहीं था कि किसी को कुछ चाहिए था और मिला नहीं। सरकारें बदलने का एक प्रमुख कारण रहा है भ्रष्टाचार, बेईमानी।

मोदी ने कहा, ‘यहां मैं जो स्वरूप देख रहा हूं, उसमें लघु भारत भी है और लघु अमेरिका भी है। हिंदुस्तान में जब कुछ बुरा होता है तो सबसे पहले आपकी नींद खराब होती है। आपका दिल हर पल चाहता है कि मेरा देश ऐसा कब बनेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार चलाने में भी ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं कि ईमानदारी से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। टेक्नोलॉजी का इसमें बहुत बड़ा योगदान बढ़ रहा है। हमने देश के आम आदमी को गैस और यूरिया पर मिलने वाली सब्सिडी को सीधे जरूरतमंदों के खातों में पहुंचाया। हमने बीड़ा उठाया है कि आने वाले 3 साल में 5 करोड़ गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन देंगे।

राउंड टेबल मीटिंग

पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की 20 टाॅप कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ एक राउंड टेबल मीटिंग में कहा कि पिछले तीन साल में एनडीए की नीतियों से भारत सबसे तेज प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकषर्ति करने वाला राष्ट्र बना है, दुनिया हमारी ओर देख रही है, हमने सकारात्मक सुधार किए हैं, जिनमें से जीएसटी एक क्रांतिकारी कदम है, जो गेम चेंजर साबित होगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा है कि सारी दुनिया भारत की ओर देख रही है। भारत सरकार ने 7000 सुधार अकेले ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस और 'मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस' के जरिए किए हैं। बागले बैठक के दौरान ही ट्वीट कर रहे थे। उनके अनुसार मोदी ने कंपनी प्रमुखों से कहा कि भारत की वृद्धि उसके और अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद हैं। अमेरिकी कंपनियों के सामने इसमें योगदान देने का एक महान अवसर है। एक घंटे चली बैठक में मोदी ने उनकी सरकार के पिछले तीन साल में उठाये गये और निकट भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। भारत में निवेश करने का आहवान करते हुए मोदी ने कहा कि भारत एक कारोबार हितैषी देश के रूप में उभर रहा है। 

इस बैठक में एपल के टिम कुकए माइक्रोसॉफ़्ट के सत्य नडेला, गूगल के सुंदर पिचाई, सिस्को के जॉन चैंबर्स और अमेजन के जेफ बेजोस मौजूद थे। बैठक में अन्य कंपनी प्रमुखों में एडोब के शांतनु नारायण, मास्टर कार्ड के अजय बंगा, इमरसन के डेविड, डेलॉइट ग्लोबल के डो मैक मिलन और पुनीत रंजन तथा अमेरिका-भारत व्यपार परिषद (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष मुकेश अघी भी मौजूद थे।

जीएसटी बिजनेस स्कूलों में अध्ययन का विषय 

मोदी ने कहा कि जीएसटी को लागू किये जाने का ऐतिहासिक फैसला अमेरिका के बिजनेस स्कूलों में अध्ययन का विषय हो सकता है। लगभग एक घंटे लंबी चली इस बातचीत में मोदी ने कंपनी प्रमुखों की मांगों को धैर्यपूर्वक सुना।

'भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी' को मजबूती

प्रधानमंत्री की कंपनी प्रमुखों के साथ एक समूह तस्वीर साझा करते हुए बागले ने कहा कि 'भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी' को मजबूती देगा. हाल ही में एक नीति दस्तावेज में यूसआईबीसी ने कहा था कि अमेरिका-भारत वाणिज्यिक और रणनीतिक संबंध वैश्विक सुरक्षा का समर्थन करते हैं, आथर्कि वृद्धि का प्रसार करते हैं और दोनों देशों एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए रोजगार का निर्माण करते हैं। यूएसआईबीसी ने कहा कि आज हम वैश्विक व्यवस्था में बदलाव देख रहे हैं। दोनों देशों के सामने एक अवसर उभर कर आया है कि वे द्विपक्षीय संबंधों में नए मानकों को स्थापित करें, जो उनके साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करेगा। एक अलग बयान में इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑफ ग्रेटर हयूस्टन के कार्यकारी निदेशक जगदीप आहलूवालिया ने कहा कि अमेरिका और भारत परस्पर अच्छे संबंधों को साझा करते हैं और मोदी की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ यह पहली सीधी मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंध को और मजबूत करेगी।

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