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सर्जिकल स्ट्राइक के समय जानकारी न मिलने से बढ़ गई थी बेचैनी : पीएम मोदी

January 02nd, 2019 09:31 IST
सर्जिकल स्ट्राइक के समय जानकारी न मिलने से बढ़ गई थी बेचैनी : पीएम मोदी

हाईलाइट

  • भारत ने 28 सितंबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
  • मंगलवार को पीएम मोदी अपने एक इंटरव्यू में सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी बताई।
  • पीएम ने कहा कि इस ऑपरेशन की कामयाबी या नाकामी से ज्यादा फिक्र जवानों की सुरक्षा को लेकर थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 28 सितंबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। पीएम मोदी ने मंगलवार को दिए अपने इंटरव्यू में सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि कैसे सर्जिकल स्ट्राइक को प्लान किया गया था, क्या-क्या इसमें परेशानियां थी और किस तरह से इसे अंजाम दिया गया। पीएम ने कहा कि इस ऑपरेशन की कामयाबी या नाकामी से ज्यादा फिक्र जवानों की सुरक्षा को लेकर थी।

पीएम ने कहा कि उड़ी में जो घटना घटी और सेना के जवानों को मारा और जलाया गया, इस घटना ने मुझे बेचैन कर दिया था। मैं केरल गया था वहां पर मैंने पब्लिक मीटिंग में इसका जिक्र किया क्योंकि मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा था। इस घटना के बाद मैंने सेना के लोगों से बात की तो अनुभव हुआ कि इस घटना को लेकर सेना में ज्यादा आग लगी है। वो शहीद जवानों को न्याय दिलाना चाहते थे। इसके बाद मैंने कहा कि पूरा प्लान बताइए क्या कर सकते हैं। सेना को फ्री हैंड दिया। सेना मेरे पास प्लान लेकर आई। दो बार हमे सर्जिकल स्ट्राइक की डेट बदलनी पड़ी। हम फुल सिक्योरिटी चाहते थे।

पीएम ने कहा कि मैं जानता था कि ये बहुत बड़ा रिस्क था। मैं चाहता था कि जवानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जवानों का चयन किया गया था और उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई थी। प्लान के मुताबित तय किया गया था कि सफलता मिले या ना मिले सूर्योदय से पहले सर्जिकल स्ट्राइक की टीम को वापस आना है। पीएम ने कहा मैं अपने जवानों को मरने नहीं दूंगा ये मेरी प्राथमिकता थी।

पीएम ने कहा, सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान पूरे समय मैं लाइव कॉन्टेक्ट में था लेकिन, सुबह जानकारी आना बंद हो गई। सूर्योदय हो गया था और जानकारी न मिलने से मरी बेचैनी बढ़ गई। मैंने सोचा क्या हुआ जो अब तक जानकारी नहीं आई। मैंने नहीं चाहता था कि वहा किसी से कम्यूनिकेट करूं। क्योंकि वहां इससे कोई समस्या हो सकती थी। करीब घंटे भर बाद एक खबर आई कि टुकड़िया सेफ जोन में आ गई है। आप चिंता न कीजिए। इसके बाद करीब 2 घंटे तक वापस आने का क्रम चला। जब सर्जिकल स्ट्राइक की टीम वापस आ गई तो कैबिनेट कमेटी और सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग बुलाई गई। पाकिस्तान को भी सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दी गई। इसके बाद मीडिया को बुलाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि इसका इतना परफेक्ट प्लान बनाया था किया कि मैं सेना के सामने नतमस्तक हूं।

पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक लेकर हो रही राजनीति पर भी जवाब दिया। पीएम ने कहा कि 'मैं खुद कहता हूं कि इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी सेना के अफसर ने दी थी, किसी मंत्री या प्रधानमंत्री ने नहीं। ये बात यहीं खत्म हो गई थी, लेकिन उसी दिन पॉलिटिकल पार्टी के कुछ लोगों ने इस पर सवाल खड़े किए। इस मुद्दे का राजनीतिकरण वहीं से शुरू हुआ।

पीएम ने कहा कि इन लोगों ने अपने देश की सेना के लिए अनाप-शनाप शब्द बोले ये गलत है। पीएम ने कहा हम सब का दायित्व बनाता है कि हम सेना के पराक्रम का हर जगह जिक्र करें। देश का गौरवगान हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा?' सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान सीमा पार से हमले क्यों करता है, इस पर मोदी ने कहा- एक लड़ाई से पाकिस्तान सुधर जाएगा, यह सोचना बहुत बड़ी गलती होगी। 

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