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PM मोदी आज पहुंचेंगे दावोस, मंगलवार को करेंगे उद्घाटन सत्र को संबोधित

September 06th, 2018 15:59 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में विश्व व्यापार मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की शुरुआत आज से हो रही है। पांच दिनों तक चलने वाला ये समारोह भारत के लिए बेहद खास है क्योंकि 20 साल बाद नरेन्द्र मोदी भारत के ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो इस सम्मेलन में शामिल होंगे। इतना ही नहीं मोदी मंगलवार को उद्घाटन सत्र में संबोधन भी देंगे और बताएंगे कि कैसे भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन सकता है।  इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके कैबिनेट के अहम मंत्री भी जा रहे हैं। समारोह में पहली बार दुनिया भर से आए मेहमान भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखेंगे। साथ ही योग सेशन इस दौरान होगा। पीएम दावोस के लिए दिल्ली से रवाना हो चुके है।

शाम 06.30 बजे दावोस पहुंचेंगे मोदी

भारतीय समय के अनुसार मोदी सुबह 9 बजे दिल्ली से निकलेंगे और शाम 6.30 बजे दावोस पहुंचेंगे। शाम को मोदी की स्विस प्रेसीडेंट से द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। इसके साथ ही दुनिया भर की कंपनियों के सीईओ के डिनर की मेजबानी प्रधानमंत्री करेंगे। भारतीय समय के मुताबिक, 23 जनवरी को  दोपहर 3.30 बजे पीएम मोदी का प्लेनरी सेशन में भाषण होगा। पीएम मोदी को की-नोट स्पीकर के तौर पर वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने खास तौर पर आमंत्रित किया है। पिछले साल शी- जिंगपिंग की-नोट स्पीकर थे।

पीएम मोदी का ट्वीट

इस समारोह को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि द्विपक्षीय मुलाकातें फलदायी होंगी और इन देशों के साथ हमारे संबंध तथा आर्थिक सहयोग मजबूत होगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘समकालीन अंतरराष्ट्रीय प्रणाली और वैश्विक सरकारी ढांचे के समक्ष मौजूदा तथा उभर रही चुनौतियों पर नेताओं, सरकारों, नीति निर्माताओं, कॉरपोरेट तथा सामाजिक संगठनों द्वारा गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।’’ उन्होंने सम्मेलन के मुख्य मंत्र ‘क्रिएटिंग अ शेयर्ड फ्यूचर इन अ फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड’ को विचारपूर्ण और उचित बताते हुए कहा, ‘‘मुझे भारत के अच्छे दोस्त तथा मंच के संस्थापक प्रोफेसर क्लाउस श्वाब के निमंत्रण पर दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने का इंतजार है।’

बैंकरों का महत्वपूर्ण सम्मेलन

दावोस में मंगलवार से ऑफीशियल तौर पर डब्ल्यूईएफ का 48वां वार्षिक सम्मेलन शुरू हो रहा है। संगठन के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री पूर्ण सत्र का उद्घाटन करेंगे। यह भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती ताकत का प्रतिबिंब है, क्योंकि पिछले साल यह सम्मान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मिला था। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु  ने इस सम्मेलन को लेकर कहा कि, 'प्रधानमंत्री पहली बार डब्ल्यूईएफ में शिरकत करने जा रहे हैं, एक ऐसे समय में जब पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है।' उन्होंने कहा, 'डब्ल्यूईएफ विश्व के व्यापारिक नेताओं और बैंकरों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण सम्मेलन है। एक तरह से यह फैसले लेने का एक वैश्विक मंच है। बीते साल चीन के राष्ट्रपति के यहां आने की काफी चर्चा हुई थी।'

3 हजार से ज्यादा शख्सियतें करेंगे शिरकत

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नेरेन्द्र मोदी 23 जनवरी को सम्मेलन के पहले पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करेंगे। इसके अलावा कई भारतीय मंत्री महत्वपूर्ण सामूहिक चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। मोदी पांच दिन के इस सम्मेलन में वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के विशाल अवसरों की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ अपनी सरकार के नीतियों और कार्यक्रमों की भी जानकारी देंगे।  विश्व आर्थिक मंच की 48वीं बैठक में व्यापार, राजनीति, कला, शिक्षा और नागरिक समाज से जुड़ी 3,000 से अधिक शख्सियतें शिरकत करेंगी। भारत की ओर से 130 से ज्यादा प्रतिभागी सम्मिलित होंगे।

ये भी होंगे शामिल

इनमें  सुरेश प्रभु के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, रेल मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर शामिल हैं। प्रभु ने बताया कि इनके साथ आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू व देवेंद्र फडणवीस भी सम्मेलन में शामिल होंगे। उद्योग इकाई सीआईआई के नेतृत्व में सीईओ डेलिगेशन में मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, अजीम प्रेमजी, राहुल बजाज, एन चंद्रशेखरन, चंदा कोचर, उदय कोटक और अजय सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं

शाहरुख खान का सम्मान

डब्ल्यूईएफ के चेयरमैन क्लाउस श्वाब सम्मेलन के थीम 'क्रिएटिंग ए शेयरड फ्यूचर इन ए फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड' पर आधारित स्वागत संदेश के साथ आज शाम सम्मेलन की शुरुआत करेंगे। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री केट ब्लेन्चेट और संगीतकार एल्टन जॉन का इस दौरान सम्मान किया जाएगा।

20 साल बाद भारतीय पीएम होंगे शामिल

आखिरी बार 1997 के दावोस सम्मेलन में तत्कालीन पीएम एचडी. देवेगौड़ा शामिल हुए थे। उनके बाद किसी भारतीय पीएम ने इस सम्मेलन में शिरकत नहीं की। 20 साल बाद मोदी ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो इस सम्मेलन में शामिल होंगे। नरसिम्हा राव 1994 में इस सम्मेलन में शामिल होने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। वाजपेयी और मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। इसी तरह से ट्रंप से पहले 2000 में क्लिंटन इस सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद बुश और ओबामा इसमें शामिल नहीं हुए थे।

समापन सत्र में ट्रंप का भाषण

वैश्विक नेताओं में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समापन भाषण करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति इस मौके पर दुनिया के नेताओं के सामने अपने अमेरिका फर्स्ट का एजेंडा रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल विश्व आर्थिक मंच पर ट्रंप अमेरिकी व्यवसाय, उद्योग और कामगारों को मजबूती देने के लिए अपनी नीतियों को प्रमोट करेंगे।  पहले माना जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात इस सम्मेलन के दौरान हो सकती है। लेकिन अब ये संभव नहीं है क्योंकि दोनों एक ही दिन एक शहर में नहीं रहेंगे। अगर ये मुलाकात होती तो अमेरिका की ओर से पाकिस्तान पर बनाए जा रहे लगातार दबाव के बीच ये  काफी अहम हो सकती थी। क्योंकि भारत हमेशा से ही पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। अमिरका भी अब मान चुका है कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगार देश है। 

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