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मोदी ने CEOs के साथ की मीटिंग, कहा- भारत का मतलब ही बिजनेस है

September 06th, 2018 15:57 IST

डिजिटल डेस्क, दावोस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के ओपनिंग सेशन को संबोधित करने वाले हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने दावोस में 40 ग्लोबल सीईओ के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में पीएम मोदी ने कंपनियों को भारत में इन्वेस्टमेंट के लिए इनवाइट करते हुए कहा कि 'भारत का मतलब ही बिजनेस है।' वहीं इससे पहले सोमवार को बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान को देश में महिलाओं और बच्चों के लिए कैंपेन चलाने के लिए 'क्रिस्टल अवॉर्ड' से नवाजा गया। बता दें कि पीएम मोदी सोमवार को दावोस पहुंच चुके हैं।  .

मोदी ने कहा- भारत मतलब बिजनेस

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी ने 40 ग्लोबल सीईओ के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में 40 ग्लोबल कंपनियों के सीईओ समेत 20 भारतीय कंपनियों के सीईओ भी मौजूद थे। इस मीटिंग में मोदी ने कहा कि 'भारत का मतलब ही बिजनेस है।' वहीं मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा कि 'पीएम मोदी ने CEOs के साथ मीटिंग की और भारत में लगातार हो रही ग्रोथ की बात सामने रखी।'

मोदी देंगे आज स्पीच

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दावोस में WEF में स्पीच देंगे। पीएम समिट के ओपनिंग सेरेमनी में स्पीच देंगे और ग्लोबल बिजनेसमैन से मुलाकात करेंगे। भारतीय समय के मुताबिक, 23 जनवरी को  दोपहर 3.30 बजे पीएम मोदी का प्लेनरी सेशन में भाषण होगा। पीएम मोदी को की-नोट स्पीकर के तौर पर वर्ल्ड इकनोमिक फोरम ने खास तौर पर आमंत्रित किया है। पिछले साल शी- जिंगपिंग की-नोट स्पीकर थे। अपनी स्पीच में पीएम मोदी दुनिया को बताएंगे कि भारत कैसे ग्लोबल इकोनॉमी के लिए विकास का इंजन साबित हो सकता है। सोमवार को दावोस पहुंचे पीएम मोदी ने स्विस प्रेसिडेंट एलेन बर्सेट से भी मुलाकात की।


शाहरुख खान को मिला 24वां क्रिस्टल अवॉर्ड

बता दें कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में सोशल वर्क्स के लिए ये अवॉर्ड दिया जाता है। शाहरुख खान को भी सोशल वर्क्स के लिए 24वें क्रिस्टल अवॉर्ड से नवाजा गया। बॉलीवुड एक्टर शाहरुख मीर फाउंडेशन के फाउंडर हैं, जो एसिड अटैक विक्टिम को सपोर्ट करती है। ये फाउंडेशन एसिड अटैक के कारण बुरी तरह जल चुकी महिलाओं की सर्जरी और मेडिकल ट्रीटमेंट कराने समेत कानूनी मदद करती है। बता दें कि शाहरुख के इस फाउंडेशन का नाम उनके पिता मीर ताज मोहम्मद खान के नाम पर रखा गया है। इस दौरान शाहरुख ने कहा कि वो इस अवॉर्ड के लिए शुक्रगुजार है। उन्होंने स्पीच के आखिरी में 'नमस्कार' और 'जय हिंद' कहा। शाहरुख के अलावा एक्ट्रेस-डायरेक्टर केट ब्लैंचेट और सिंगर एल्टन जॉन को भी इस समिट में अवॉर्ड से नवाजा गया है। 

भारतीय खाना चखेगी दुनिया

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इस बार वर्ल्ड लीडर्स और ग्लोबल बिजनेसमैन भारतीय डिशेज का स्वाद भी चखेगी। इसके लिए दावोस में खास इंतजाम किए गए हैं। बताया जा रहा है कि भारत से 32 शेफ की टीम दावोस गई है और इस टीम को ताज ग्रुप के शेफ रघु देवड़ा लीड कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिनर में जाफरानी फलदारी कोफ्ता करी के साथ बनारसी दम आलू, पालक पनीर, गोभी मटर, दाल मखानी, अनारदाना रायता जैसी डिशेज परोसी जाएंगी। इसके अलावा नॉन-वेज खाने वालों के लिए स्पेशल मुर्ग तरीवाला और शिकमपुरी कबाब जैसी डिशेज रखी जाएंगी। मिठाई में गाजर का हलवा, नारियल चिक्की और इलायची भप्पा दही रखे जाएंगे। ये भी कहा जा रहा है कि पीएम मोदी 120 स्पेशल गेस्ट को डिनर भी देने वाले हैं।

20 साल बाद भारतीय पीएम हो रहे हैं शामिल

आखिरी बार 1997 के दावोस सम्मेलन में तत्कालीन पीएम एचडी. देवेगौड़ा शामिल हुए थे। उनके बाद किसी भारतीय पीएम ने इस सम्मेलन में शिरकत नहीं की। 20 साल बाद मोदी ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो इस सम्मेलन में शामिल होंगे। नरसिम्हा राव 1994 में इस सम्मेलन में शामिल होने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। वाजपेयी और मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल नहीं हुए थे। इसी तरह से ट्रंप से पहले 2000 में क्लिंटन इस सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद बुश और ओबामा इसमें शामिल नहीं हुए थे।

क्लोजिंग सेरेमनी में ट्रंप का भाषण

WEF की क्लोजिंग सेरेमनी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भाषण होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति इस मौके पर दुनिया के नेताओं के सामने अपने अमेरिका फर्स्ट का एजेंडा रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल विश्व आर्थिक मंच पर ट्रंप अमेरिकी व्यवसाय, उद्योग और कामगारों को मजबूती देने के लिए अपनी नीतियों को प्रमोट करेंगे।  पहले माना जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात इस सम्मेलन के दौरान हो सकती है। लेकिन अब ये संभव नहीं है क्योंकि दोनों एक ही दिन एक शहर में नहीं रहेंगे। अगर ये मुलाकात होती तो अमेरिका की ओर से पाकिस्तान पर बनाए जा रहे लगातार दबाव के बीच ये  काफी अहम हो सकती थी। क्योंकि भारत हमेशा से ही पाकिस्तान पर आतंकवाद को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। अमेरिका भी अब मान चुका है कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगार देश है। 

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