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पनामा मामले के आरोपी नवाज शरीफ फिर बने PML(N) के अध्यक्ष

BhaskarHindi.com | Last Modified - October 05th, 2017 13:40 IST

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डिजिटल डेस्क, कराची। पनामा मामले के दोषी पाकिस्तान के पूर्व प्राईम मिनिस्टर नवाज शरीफ को फिर से उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) का अध्यक्ष चुना गया है, अब वो अगले चार साल तक अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे । ये वाकई एक चौंकाने वाला फैसला है, इस फैसले ने पाकिस्तान के राजनैतिक नेतृत्व क्षमता की पोल खोल कर रख दी है। नवाज शरीफ को निर्विरोध पार्टी का अध्यक्ष चुना गया क्योंकि उनके सामने कोई दावेदार ही नहीं था। 

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के लिए चित्र परिणाम

पार्टी संविधान में किया 'विशेष' संशोधन

पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री को फिर पार्टी की बागडोर सौंपने के लिए और उनके अध्यक्ष बनने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उनकी पार्टी संविधान में सोमवार को ही संशोधन कर दिया गया। जिसके तहत सरकारी पद पर न रहते हुए कोई भी व्यक्ति पार्टी प्रमुख बनाया जा सकता है। पीएमएल-एन के नेता डॉक्टर तारिक फजल चौधरी ने नवाज शरीफ को पार्टी के अध्यक्ष के पद पर चुने जाने के लिए उनकी ओर से आवेदन किया था, उन्होंने पाकिस्तान चुनाव आयोग में नवाज शरीफ की दावेदारी का आवेदन किया था, नवाज शरीफ के विरोध में किसी भी उम्मीदवार ने आवेदन नहीं किया था। 

पाक मीडिया के मुताबिक पीएमएल-एन के सभी नेता पार्टी के संविधान में संशोधन को लेकर भी सहमत हुए कि किसी सरकारी पद पर नहीं होते हुए भी किसी व्यक्ति को पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने का रास्ता साफ हो सके। पीएमएल-एन के चेयरमन राजा जफरुल हक की अध्यक्षता में आयोजित सीडब्ल्यूसी के सत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी और अंतरिम अध्यक्ष सीनेटर सरदार याकूब नासिर ने हिस्सा लिया। 

panama papers के लिए चित्र परिणामभ्रष्टाचार के आरोपी को फिर 'बागडोर'

पनामा पेपर्स मामले में दोषी पाए जाने पर उनको 28 जुलाई को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया था जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान मुस्लिम लीग प्रमुख के पद से भी इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन सोमवार रात को पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक विवादास्पद चुनाव बिल पास किया था, जिसके बाद अब कोई अयोग्य करार दिया हुआ पीएम भी पार्टी प्रमुख बन सकता है। इलेक्शन बिल, 2017 चुनाव सुधार से जुड़ा बिल है जिसपर सोमवार रात हुसैन ने हस्ताक्षर किए थे। 

गौरतलब है कि नवाज शरीफ को पनामा पेपर सकेंडल मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था, जिसके बाद उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई थी। यही नहीं कोर्ट ने हाल ही में नवाज शरीफ के बच्चों और दामाद के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया है, जिसके बाद पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह 9 अक्टूबर तक उन्हें गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करे।

विपक्षी दल ने किया विरोध

इमरान खान के नेतृत्व वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने चुनाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ इस पद से इस्तीफा दें। विपक्षी पार्टी ने इस बिल को गैरकानून और संविधान के विरुद्ध बताया।
 

 

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