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बेटी की शादी में देना चाहते थे सांभर के मांस की दावत, टाइगर के शिकार का सच सामने आया

बेटी की शादी में देना चाहते थे सांभर के मांस की दावत, टाइगर के शिकार का सच सामने आया

डिजिटल डेस्क, सतना। मझगवां वन रेंज की अमिरती बीट के डुडहा नाला (कम्पार्टमेंट नंबर- 810) में 12 मई की रात करंट से मृत तकरीबन 3 साल के नर बाघ की मौत का सच सामने आ गया है। गांव में गजराज कोल के घर आई बेटी की बारात में सांभर -चीतल या फिर जंगली सुअर के मांस की दावत उड़ाने के इरादे से जंगल में जाल फैलाया था। पुलिस की मदद से वन विभाग के हत्थे चढ़े 5 में से 4 आरोपी शिकारी गजराज समेत अमिरती गांव के आरोपी रंजन कोल ,राजेश मवासी और ज्वाला सतनामी ने मिलकर बिजली के नंगे तारों का जाल फैलाया था। इनमें से किसी को भी इस बात की आशंका नहीं थी कि जाल में बाघ फंस जाएगा। 

3 घंटे छिपे रहे घात लगाकर
वयस्क नर बाघ की हत्या के आरोपियों ने तकरीबन रात साढ़े 8 बजे डुडहा नाले के उस प्राकृतिक घाट पर करंट लगाया, जहां आमतौर पर वन्य प्राणी पानी के लिए पहुंचते हैं। आरोपी जंगल में ही घात लगा कर छिप गए। रात तकरीबन साढ़े 11 बजे आरोपियों के बीच उस वक्त भगदड़ मच गई,जब करंट दौड़ते जाल में फंसे टाइगर ने दहाड़ मारी। दहाड़ से जंगल थर्रा उठा। 

10 दिन में था तीसरा मूवमेंट 
मझगवां वन परिक्षेत्र में वन्य प्राणियों के बेलगाम आखेट की इस बड़ी वारदात से अगर वन विभाग के मैदानी अमले ने वक्त रहते सबक नहीं लिया तो इस परिक्षेत्र में घूम रहे 3 टाइग्रेस और 2 टाइगर की जान भी कभी भी जोखिम में पड़ सकती है। जानकार सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2016 में इस जंगल में पन्ना टाइगर रिजर्व से पहुंची एक वयस्क टाइग्रेस (पी 213-22) से एक टाइगर की भेंट हुई थी। ये टाइगर रीवा जिले के ककरेड़ी के जंगल से यहां पहुंचा था। दोनों ने 2 शावक जन्मे जिनमें से एक मेल टाइगर मारा गया। जानकारों ने बताया कि वर्ष 2017 में इसी जोड़ी ने एक मेल और फीमेल शावक को जन्मा था। मृत टाइगर वयस्क होने के साथ ही अपने पैतृक गोल से स्वाभाविक रुप से अलग हो गया था। इससे पहले दो बार इस शावक के पदचिन्ह इसी डुडहा नाले में देखे गए थे।

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