comScore
Dainik Bhaskar Hindi

प्रदाेष व्रत आज : माघ शुक्ल त्रयाेदशी पर रखें ये व्रत,सिद्ध हाेंगे सभी कार्य

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 29th, 2018 07:26 IST

13.1k
0
0

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इसे दक्षिण में प्रदोषम के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत के संबंध में कहा जाता है कि जब संसार में चारों ओर अधर्म, अनाचार और अत्याचार, अन्याय फैलेगा। तब मनुष्य को स्वार्थ एवं पापों से मुक्ति दिलाने के लिए इस व्रत की महिमा स्वीकार की जाएगी। यह व्रत सत्कर्मो की ओर मानव को ले जाने वाला बताया गया है। सांसारिक मोह-माया जन्म जन्मांतर के बंधनों से निकलकर मोक्ष प्रदान करने वाला यह व्रत बताया गया है। इस बार यह माघ शुक्ल त्रयोदशी में 29 जनवरी को मनाया जा रहा है। 


इस व्रत को धारण करने से मिलते हैं ये फल

-आरोग्य प्रदान करने वाला अर्थात यदि यह सोमवार को धारण किया जा रहा है तो रोगों से मुक्ति दिलाने वाला सिद्ध होगा।

-व्रत से दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है, किंतु इसके लिए रविवार के दिन का विशेष महत्व है। 

-मंगलवार को भगवान शिव की कृपा से पुराने रोगों से छुटकारा मिलता है। 

-यह व्रत व्रती की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला भी बताया गया है। यही नही यदि वह किसी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है तो यह व्रत उसे एकाग्रता एवं शांति भी प्रदान करेगा। 

-प्रदोष सभी दोषों का नाश करता है यह शत्रुओं का विनाश करता है एवं आपकी विजय का मार्ग प्रशस्त करता है। 

-दांपत्य जीवन में सुखों के लिए भी इस व्रत को धारण करना चाहिए। इससे पारिवारिक जीवन में उत्तम फलों के संकेत मिलते हैं। 

-यदि आप योग्य संतान की कामना करते हैं तो भी इसे किया जा सकता है। इसके लिए शनि प्रदोष का महत्व है। 

-नियमित प्रदोष व्रत करने के दौरान आप बुरे विचार अपने मन में ना आने दें। किसी की बुराई ना करें। किसी से भी अपशब्द ना कहें। यह आपके जीवन में निश्चित ही शांति लेकर आएगा।

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ये भी देखें

app-download