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प्रीति जिंटा की कंपनी पर मकान मालिक ने लगाया 38 लाख का सिविल केस

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 11th, 2018 20:03 IST

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प्रीति जिंटा की कंपनी पर मकान मालिक ने लगाया 38 लाख का सिविल केस

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अपने बिजनेस को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा एक बार फिर विवादों में फंस गई हैं। इस बार चर्चा का विषय उनके और नेस वाडिया के संबंध नहीं, बल्कि चंडीगढ़ में उनकी कंपनी केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 38 लाख रुपए का सिविल केस है। बता दें कि प्रीति आईपीएल टीम किंग्स 11 पंजाब की ओनर हैं। चंडीगढ़ के पॉश और रिहायशी इलाके में किराए पर मकान लेकर उनकी कंपनी ने व्यावसायिक गतिविधियां चालू कर दीं थीं।

प्रीति की कंपनी से वसूल होगा पैसा

इस बात के खिलाफ मकान मालिक और डेंटल चिकित्सक डॉ सुभाष सतीजा ने कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक प्रीति को घर रहने के लिए दिया गया था ना कि बिजनेस करने के लिए। कानून का उल्लंघन करने के लिए इस्टेट ऑफिस ने डॉ सतीजा को मिसयूज चार्जेस के चलते 38 लाख का नोटिस भेजा है जिसे अब वो प्रीति की कंपनी से वसूल करेंगे। 

लॉ सूट फाइल कर निर्दोष साबित करने की कोशिश

डॉ सतीजा ने कंपनी के खिलाफ लॉ सूट फाइल कर अपने आपको निर्दोष साबित करने की कोशिश की है। इस मामले की सुनवाई सिविल जज हरजोत सिंह गिल कर रहे हैं। प्रीति की कंपनी ने भी सतीजा की इस शिकायत को खारिज करने का आवेदन दिया था जिसे बाद में जज ने खारिज कर दिया। कंपनी का कहना है कि आईपीएल के दौरान अफसरों को यहां ठहराया जाता था। इस्टेट ऑफिस के 38 लाख बकाया होने की वजह से सतीजा सारा इल्जाम कंपनी पर डाल रहे हैं।

कंपनी ने घर खाली किया

वहीं डॉ सतीजा कहते हैं कि एग्रीमेंट में साफ-साफ लिखा है कि घर का इस्तेमाल रहने के अलावा और किसी काम के लिए नहीं किया जाएगा। घर किराए पर देने के कुछ दिनों बाद से ही कंपनी ने इसका मिसयूज करना शुरू कर दिया जिसकी शिकायत कई बार उन्होंने अधिकारियों से की। इस्टेट ऑफिस ने मामले को देखते हुए घर के ओनर और कंपनी दोनों को नोटिस भेजा और 38 लाख 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। नोटिस के बारे में जानकारी मिलते ही कंपनी ने घर खाली कर दिया।

मकान सीज करने का आदेश जारी

हरजाना अदा ना करने पर ऑफिस ने मकान सीज करने का आदेश भी जारी किया है। इस मामले मे ऑफिस ने दोनों, मकान मालिक और कंपनी को सामने हाजिर होने का नोटिस भी भेजा, जहां केपीएच लिमिटेड प्रस्तुत नहीं हुई। इस्टेट ऑफिस ने भी कंपनी को जुर्माने की रकम देने को कहा। इसपर भी कंपनी की ओर से कोई जवाब ना मिलने के बाद डॉ सतीजा ने आखिकार उसके खिलाफ लॉ सूट फाइल किया। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर टिके हुए हैं और किसी प्रकार एक दूसरे को गलत साबित करना चाहते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को चंडीगढ़ कोर्ट में होगी।   

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