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रेरा में नहीं कराया पंजीयन, हाउसिंग बोर्ड का आवासीय प्रोजेक्ट अवैध घोषित

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 13th, 2019 19:23 IST

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रेरा में नहीं कराया पंजीयन, हाउसिंग बोर्ड का आवासीय प्रोजेक्ट अवैध घोषित

डिजिटल डेस्क, सतना। शहर के घूरडांग की शारदा कालोनी स्थित एमपी हाउसिंग बोर्ड के एक आवासीय प्रोजेक्ट को रेरा (रियल इस्टेट रेग्यूलेटरी अथारिटी) ने अवैध घोषित करते हुए प्रोजेक्ट के आवास नहीं खरीदने की सलाह दी है। रेरा के नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि घूरडांग स्थित एमपी हाउसिंग बोर्ड का ईडब्ल्यूएस प्रोजेक्ट नियमों के तहत रेरा में पंजीकृत नहीं है।

नहीं हुए नगर निगम से नक्शा पास
इतना ही नहीं ईडब्ल्यूएस टाइप 100 आवास बनाने और इनमें से 20 आवास बेंच लेने के बाद भी इस  नगर निगम से नक्शे भी पास नहीं कराए गए हैं। निगम की भवन अनुज्ञा नहीं होने के कारण भी ये आवासीय प्रोजेक्ट अवैध हैं। जानकार सूत्रों की मानें तो प्रदेश में ये पहला मामला है, जब किसी सरकारी आवासीय प्रोजेक्ट को आरईआरए (भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण) ने अवैध करार दिया है।

बोर्ड को नहीं है जानकारी
एमपी हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता केएल अहिरवार के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि घूरडांग में शारदा कालोनी स्थिति ईडब्ल्यूएस प्रोजेक्ट को रेरा ने अवैध घोषित कर दिया है। हालांकि श्री अहिरवार भी ये मानते हैं कि 100 ईडब्ल्यूएस के निर्माण से पूर्व नगर निगम से भवन अनुज्ञा नहीं प्राप्त की गई है। ईई ने बताया कि आवासीय प्रोजेक्ट 3 साल पहले पूरा हो चुका है। पिछले साल दिसंबर में नगर निगम के समक्ष नक्शा स्वीकृति का आवेदन दिया गया था। नक्शे अभी स्वीकृत नहीं हैं।

बाजार मूल्य 7 करोड़, बिक चुके हैं 20 घर 
घूरडांग की शारदा कालोनी में वर्ष 1970 में 5 एकड़ भूभाग पर एमपी हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय कालोनी की बुनियाद रखी थी। इसी सरकारी भूमि के अशंभाग में एससीएसटी के लिए भी भूखंड आरक्षित किए गए थे। आरक्षित वर्ग से मांग नहीं आने पर 3 साल पहले हाउसिंग बोर्ड ने  लगभग 2 करोड़ 50 लाख की लागत से ईडब्ल्यूएस टाइप के 100 नए आवास बनवाए। इनमें से 432 वर्ग फिट के हर प्लाट का निर्मित क्षेत्र 200 वर्ग फिट है। 100 में से 20 अवैध आवासों को एमपी हाउसिंग बोर्ड बेंच भी चुका है। हर आवास की कीमत तकरीबन साढ़े 6 से साढ़े 7 लाख है। मौजूदा समय में आवासीय प्रोजेक्ट का मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 7 करोड़ है।

मुख्यालय ने फंसाई थी पेंच
उल्लेखनीय है, रियल इस्टेट रेग्यूलेटरी अथारिटी (रेरा) के प्रभाव में आने के साथ ही एमपी हाउसिंग बोर्ड के सतना कार्यालय ने एमपी हाउसिंग बोर्ड के भोपाल  मुख्यालय को प्रस्ताव भेज कर घूरडांग की शारदा कालोनी के इसी ईडब्ल्यूएस प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकृत कराने की अनुमति चाही थी, आरोप है कि मुख्यालय ने इसके औचित्य पर सवाल उठाते हुए तब प्रस्ताव को अमान्य कर दिया था।

इनका कहना है
हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि रेरा ने घूरडांग के ईडब्ल्यूएस को अवैध घोषित कर दिया है। ये सही है कि ये प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत नहीं है। ये भी सही है कि बन कर तैयार हो चुके 100 आवासों की भवन अनुज्ञा के लिए पिछले साल दिसंबर में  नगर निगम को आवेदन दिया गया था। अभी स्वीकृति नहीं मिली है। -केएल अहिरवार, ईई हाउसिंग बोर्ड

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