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राहुल ने पीएम मोदी को दी राफेल पर बहस की चुनौती, मांगा 20 मिनट का समय

January 02nd, 2019 21:18 IST
राहुल ने पीएम मोदी को दी राफेल पर बहस की चुनौती, मांगा 20 मिनट का समय

हाईलाइट

  • कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने पीएम मोदी को राफेल मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी है।
  • राहुल ने पीएम मोदी से सवाल पूछा है कि राफेल विमान की कीमत बढ़ाने का फैसले किसने लिया था?
  • बुधवार को गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी. राणे और एक अज्ञात शख्स के बीच हुई बातचीत का ऑडियो लीक हुआ है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राफेल जेट सौदे को लेकर लीक हुई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने पीएम मोदी को इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी से सिर्फ 20 मिनट मांगे हैं। उन्होंने पीएम मोदी से सवाल पूछा है कि राफेल विमान की कीमत बढ़ाने का फैसले किसने लिया था? फैसला पीएम मोदी का था या एयरफोर्स का? इतना हीं नहीं राहुल गांधी ने संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिए बयान की क्लिपिंग भी मीडिया को दिखाई जिसमें वह राफेल जेट सौदे की कीमत 58000 करोड़ बताते हुए दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी ने जेटली से सवाल किया कि अगर सौदे के कीमत की जानकारी गोपनीय थी तो फिर लोकसभा में सबके सामने आज उन्होंने इसे क्यों बताया?

राहुल गांधी ने कहा, 'जेटली जी ने अपने भाषण में 58000 करोड़ की डील की बात कही और इसे आप 36 से भाग करेंगे तो 1600 आता है। यानी 1600 करोड़ का आंकड़ा जेटली जी के भाषण से कांग्रेस पार्टी के पास आया है।' भारत, फ़्रांस से 36 राफेल जेट खरीद रहा है, राहुल ने कहा कि सवाल यह है कि जो दाम बदला गया है, उसे अरुण जेटली खुद आपके सामने बता रहे हैं। दाम को जो 526 करोड़ रुपये से 1600 करोड़ रुपये किया गया है, वह किसने किया और कैसे हुआ। मेरा सवाल है क्या इसे एयरफोर्स ने खारिज किया था। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने दोस्त अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए ये डील बदली है। अनिल अंबानी की कंपनी पर 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था, इसेके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर राफेल जेट डील का कॉन्ट्रेक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया गया जिसे एयरक्राफ्ट बनाने का बिल्कुल भी एक्सपीरियंस नहीं था। राहुल ने साफ तौर पर कहा कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ का फायदा पहुंचाया है।

राहुल गांधी ने मोदी सरकार की उस दलील पर भी सवाल खड़े किए जिसमें बार-बार इस बात को दोहराया जा रहा है कि यूपीए सरकार ने राफेल जेट की जो डील फ्रांस के साथ की थी उसमें ये जेट आधुनिक हथियारों से लैस नहीं था। जबकि मोदी सरकार ने जो डील की है उसमें ये जेट आधुनिक हथियारों से लैस है। कीमत बढ़ने और डील बदलने की वजह भी इसी बात को बताया जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 2007 में की गई राफेल जेट डील की आरएफपी की कॉपी दिखाई और उसे पढ़ा भी। राहुल गांधी ने कहा इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि राफेल जेट विमान हथियारों के साथ भारत को मिलने वाले थे। बता दें कि यूपीए सरकार की राफेल जेट डील के तहत भारत के एक जेट 526 करोड़ रुपए में मिलना था। यूपीए सरकार ने फ्रांस के साथ 126 विमानों की डील की थी जबकि मोदी सरकार ने जो डील की है उसमें केवल 36 जेट एयरफोर्स को मिलेंगे।

राफेल जेट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि जेपीसी नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्लीन चिट नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ये नहीं कहा कि राफेल मामले में जांच नहीं होनी चाहिए या इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट ये कहा है कि ये हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो फिर इस मामले की 100 प्रतिशत जांच कराई जाएगी। इस डील में प्रक्रिया की धज्जियां उड़ाई गई हैं। अनिल अंबानी की 10 दिन पहले कंपनी खुलवाई और फिर उन्हें कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया। 

राफेल जेट को लेकर लीक हुए ऑडियो को लेकर राहुल गांधी ने सवाल किया कि ये सीएम मनोहर पर्रिकर के बेडरूम में क्या जानकारी और फाइल हैं और उसका असर पीएम नरेंद्र मोदी पर क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि मनोहर पर्रिकर राफेल के मसले पर पीएम नरेंद्र मोदी को ब्लैकमेल कर रहे हैं। बता दें कि बुधवार को गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी. राणे और एक अज्ञात शख्स के बीच हुई बातचीत का ऑडियो लीक हुआ है। इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में दावा किया गया है कि राफेल जेट सौदे से जुड़ी सभी फाइलें गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर के घर पर रखी हैं। 

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