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CBI विवाद को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर छोड़ा

October 27th, 2018 08:49 IST
CBI विवाद को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर छोड़ा

हाईलाइट

  • CBI विवाद को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है।
  • शुक्रवार को कांग्रेस ने देशभर में CBI दफ्तरों पर हल्ला बोला।
  • दिल्ली में कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला। उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) विवाद को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। शुक्रवार को कांग्रेस ने देशभर में CBI दफ्तरों पर हल्ला बोला। दिल्ली में कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला। इस दौरान पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। काफी देर तक थाने में बैठाएं रखने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। राहुल गांधी ने कहा,  चाहे कितनी भी बार गिरफ्तार कर लो, लेकिन चौकीदार चोर है। बता दें कि भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद केंद्र सरकार ने CBI डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर को छुट्टी पर भेज दिया है। जिसके बाद से ही केंद्र सरकार की इस कार्रवाई को राफेल सौदे से जोड़कर कांग्रेस बीजेपी पर हमला बोल रही है।

राहुल गांधी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में हर एक संस्थान को तबाह कर दिया है। चाहे वो CBI हो या फिर इलेक्शन कमीशन। वह हर एक संस्थान पर हमला बोल रहे हैं। इसके पीछे केवल एक कारण है - चौकीदार चोर है। उन्होंने अनिल अंबानी की जेब में 30,000 केरोड़ रुपए डाले है।" कांग्रेस ने CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा की बहाली की मांग करते हुए पीएम मोदी से इस मुद्दे पर माफी मांगने को कहा। वहीं लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने कहा, "पीएम भाग सकते हैं, छिप सकते है लेकिन आखिर में सच सामने आ जाएगा।" उन्होंने कहा "सीबीआई चीफ को हटाने से कोई फायदा नहीं होगा। पीएम ने सीबीआई चीफ के खिलाफ ऐक्शन लिया, यह जल्दबाजी में की गई कार्रवाई थी।"

कांग्रेस ने दिल्ली में दयाल सिंह कॉलेज से CBI दफ्तर तक मार्च निकाला। राहुल गांधी ने ट्वीट कर सभी कार्यकर्ताओं को सुबह 11 बजे दयाल सिंह कॉलेज पर जुटने के लिए कहा था। लेकिन राहुल गांधी खुद करीब डेढ़ घंटे की देरी से 12.30 बजे पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने CBI दफ्तर के बाहर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए थे। पुलिस की कोशिश थी कि कांग्रेसियों को स्कोल कॉम्प्लेक्स पर ही रोक दिया जाए। बावजूद इसके राहुल गांधी और अशोक गहलोत के नेतृत्व में मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी CBI दफ्तर तक पहुंचे। हालांकि पुलिस ने राहुल गांधी, अशोक गहलोत, प्रमोद तिवारी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद लोधी पुलिस स्टेशन लाया गया। थाने के बाहर राहुल के सैकड़ों समर्थक बड़ी संख्या में जमा हो गए। हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

इससे पहले राहुल गांधी ने गुरुवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेस कर पीएम मोदी पर इस मामले को लेकर जमकर हमला बोला था। राहुल गांधी ने कहा कि राफेल जेट सौदे की जांच से डरकर पीएम ने CBI डायरेक्टर को हटाया है। उन्होंने कहा था कि पीएम के पास ये अधिकार नहीं है कि वो CBI डायरेक्टर को हटा सके, लेकिन नियम तोड़कर ये काम किया गया। आधी रात को CBI डायरेक्टर को हटाना संविधान का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि राफेल जांच के सबूत मिटाने के लिए CBI डायरेक्टर को हटाया गया है, लेकिन मोदी बच नहीं पाएंगे, वे अंत में पकड़े जाएंगे।

क्या है मामला?
गौरतलब है कि करोड़ों रुपए की रिश्वत के आरोप लगने के बाद CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। अब तक CBI में जॉइंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे एम नागेश्वर को CBI का अंतरिम डायरेक्टर बना दिया गया है। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के ऑफिसों को भी सील कर दिया गया है। CBI मुख्यालय में CBI के कर्मचारियों तक को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। अधिकारियों की एक टीम CBI की बिल्डिंग में है। राकेश अस्थाना CBI में दूसरे नंबर की हैसियत वाले अफसर थे। केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने CVC को इस मामले की जांच 10 दिनों के अंदर करने के लिए कहा है।

एजेंसी की ओर से 15 अक्टूबर को अस्थाना के खिलाफ दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि एक केस को रफा-दफा करने के लिए अस्थाना ने करोड़ों रुपए की रिश्वत ली है। इससे पहले, राकेश अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखकर CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के 10 मामले गिनाए थे।

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