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CBI डायरेक्टर को हटाना सबूत मिटाने की कोशिश, मोदी अंत में पकड़े जाएंगे : राहुल गांधी

October 26th, 2018 17:30 IST
CBI डायरेक्टर को हटाना सबूत मिटाने की कोशिश, मोदी अंत में पकड़े जाएंगे : राहुल गांधी

हाईलाइट

  • CBI डायरेक्टर को हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
  • कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर इस मामले को लेकर जमकर हमला बोला है।
  • राहुल गांधी ने कहा कि राफेल जेट सौदे की जांच से डरकर पीएम ने CBI डायरेक्टर को हटाया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर इस मामले को लेकर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि राफेल जेट सौदे की जांच से डरकर पीएम ने CBI डायरेक्टर को हटाया है। उन्होंने कहा कि पीएम के पास ये अधिकार नहीं है कि वो CBI डायरेक्टर को हटा सके, लेकिन नियम तोड़कर ये काम किया गया। आधी रात को CBI डायरेक्टर को हटाना संविधान का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि राफेल जांच के सबूत मिटाने के लिए CBI डायरेक्टर को हटाया गया है, लेकिन मोदी बच नहीं पाएंगे, वे अंत में पकड़े जाएंगे।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें :

  • CBI राफेल घोटाले में जांच करने वाली थी। राफेल में पीएम की भूमिका की जांच होनी थी।
  • अगर CBI जांच शुरु हो जाती तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जाता और इससे घबराकर, डरकर प्रधानमंत्री ने CBI डायरेक्टर को हटा दिया।
  • पीएम ने खुद को देश का चौकीदार बताया। अब उन्होंने भ्रष्टाचार किया। पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार किया है।
  • प्रधानमंत्री जानते हैं कि यदि राफेल की जांच शुरु हो गयी तो वो खत्म हो जायेंगे और यही उनकी घबराहट है।
  • CBI डायरेक्टर को हटाकर राफेल के सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है।
  • कांग्रेस नरेन्द्र मोदी को छोड़ने वाली नहीं है। नरेन्द्र मोदी ने देश में 30 हजार करोड़ की चोरी की है।
  • CBI डायरेक्टर की नियुक्ति और निष्कासन तीन लोगों की कमेटी करती है। इसमें पीएम, CJI और अपोजिशन लीडर शामिल होते हैं। लेकिन रात में  2 बजे CBI डायरेक्टर को हटा दिया गया। यह संविधान का अपमान है, CJI का अपमान और भारत के लोगों का अपमान है। ये पूरी तरह से अवैध और आपराधिक है। 
  • CBI डायरेक्टर को न केवल हटाया गया उनका कमरा भी बंद कर दिया गया। CBI डायरेक्टर के पास जो दस्तावेज थे वो भी उनसे छीन लिए गए। यही कारण है कि काम रात 2 बजे किया गया। न केवल डायरेक्टर को हटाया गया है, सबूत मिटाने के प्रयास भी किए गए हैं।
  • इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री ने एक शब्द तक नहीं कहा। राहुल ने कहा " मैं आपके सामने आता हूं, आप मुझसे जो सवाल पूछना चाहते हो पूछते हो। आप पीएम को यहां बैठा दो और उनके सामने 3-4 सवाल राफेल पर पूछ लो। टेबल से उठ कर भाग जाएंगे।"
  • क्या आपको पता है कि दसॉल्ट के साथ क्या होता है यदि वे भारत सरकार जो चाहती है उसके अलावा कुछ और कहें? फ्रांस के पूर्व प्रेसिडेंट हॉलैंड वह व्यक्ति थे जिन्होंने प्रधान मंत्री के साथ राफेल सौदा किया था। हॉलैंड इस डील के बारे में अच्छे से जानते। दसॉल्ट के बयान से पहले, हमारी रक्षामंत्री उनकी फैक्ट्री में गई थी। 

क्या है मामला?
गौरतलब है कि करोड़ों रुपए की रिश्वत के आरोप लगने के बाद CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। अब तक CBI में जॉइंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे एम नागेश्वर को CBI का अंतरिम डायरेक्टर बना दिया गया है। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के ऑफिसों को भी सील कर दिया गया है। CBI मुख्यालय में CBI के कर्मचारियों तक को जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। अधिकारियों की एक टीम CBI की बिल्डिंग में है। राकेश अस्थाना CBI में दूसरे नंबर की हैसियत वाले अफसर थे।

एजेंसी की ओर से 15 अक्टूबर को अस्थाना के खिलाफ दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि एक केस को रफा-दफा करने के लिए अस्थाना ने करोड़ों रुपए की रिश्वत ली है। इससे पहले, राकेश अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखकर CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के 10 मामले गिनाए थे।

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