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अध्यक्ष बनते ही राहुल की डिनर पार्टी

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 17th, 2017 15:20 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस की कमान संभालने के साथ ही राहुल गांधी अपनी टीम बनाने के लिए तैयारियां शुरु कर दी है। शायद यही कारण है कि राहुल ने रविवार शाम कांग्रेस सांसदों, पार्टी के अधिकारियों समेत कांग्रेस विधायक दल के नेताओं को डिनर पर बुलाया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी शनिवार को ही अध्यक्ष पद की कमान संभाली है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के अशोका होटल में यह डिनर रखा गया है। कयास लगाए जा रहे है कि इस डिनर के बहाने टीम राहुल चुनी जा सकती है जिसका फोकस 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर होगा। साथ ही इसे पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के सम्मान के तौर पर भी देखा जा रहा है।

इससे पहले शनिवार से कांग्रेस पार्टी में 'राहुल राज' की शुरुआत हो गई। दिल्ली के कांग्रेस हेडक्वार्टर में राहुल गांधी ने औपचारिक रुप से कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली। इससे पहले कांग्रेस की इलेक्शन अथॉरिटी के चेयरमैन एम. रामचंद्रन ने राहुल को सर्टिफिकेट दिया। इसके बाद राहुल गांधी ने पहली बार प्रेसिडेंट के तौर पर पार्टी लीडर्स और पार्टी वर्कर्स को संबोधित किया। पहली स्पीच में राहुल ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि 'अगर एक बार आग लग जाए, तो उसे बुझाना मुश्किल होता है। यही बात मैं बीजेपी को बोलना चाहता हूं। बीजेपी के लोग देश में आग और हिंसा फैला रहे हैं। वो तोड़ते हैं, हम जोड़ते हैं। वो आग लगाते हैं और हम बुझाते हैं।' इससे पहले आखिरी बार पार्टी प्रेसिडेंट के तौर पर संबोधित कर रहीं सोनिया गांधी ने भी राहुल को प्रेसिडेंट बनने पर शुभकामनाएं दी। बता दें कि राहुल की ताजपोशी से खुश कांग्रेस वर्कर्स पटाखे फोड़ रहे थे, जिस वजह से सोनिया को 3 बार अपनी स्पीच रोकनी पड़ी। 

राहुल गांधी को सर्टिफिकेट देते एम. रामचंद्रन



सोनिया गांधी ने क्या कहा? 

19 सालों तक कांग्रेस की कमान संभालने वाली सोनिया गांधी राहुल को प्रेसिडेंट बनने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 'मैं आखिरी बार कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर आपको संबोधित कर रही हूं। अब आपके सामने नया दौर है। आपको एक नई शुरुआत करनी है।' सोनिया ने आगे कहा कि '20 साल पहले जब मुझे अध्यक्ष पद के लिए चुना गया था, तो मुझे बहुत घबराहट हो रही थी कि कैसे इस संगटन को संभालूंगी। तब तक राजनीति से भी मेरा वास्ता नहीं पड़ा था।'



ऐसा लगा जैसे मेरी मां मुझसे छिन गई

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि 'जिस परिवार में मेरी शादी हुई थी, वो क्रांतिकारी परिवार था। उसका एक-एक सदस्य जेल जाने के लिए तैयार था, क्योंकि देश ही उनका जीवन था।' उन्होंने आगे कहा कि 'इंदिरा जी से मैंने काफी कुछ सीखा। इंदिरा जी की मौत के बाद मुझे लगा जैसे मेरी मां मुझसे छिन गई।' सोनिया ने आगे कहा कि 'मैं हमेशा से अपने बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहती थी। इंदिराजी के बाद राजीव ने प्रधानमंत्री पद को संभाला और देश की समस्याओं को सुना। इंदिराजी की हत्या के बाद राजीव को मार दिया गया। इसके बाद देश के लिए मैं राजनीति में आईं। उस वक्त 3 राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। केंद्र से भी हम दूर थे, लेकिन आप सबके सहयोग से हमने कामयाबी हासिल की।' उन्होंने कहा कि 'इस वक्त देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है। जो आज चुनौती है, वो कभी नहीं रही, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।'

हमलों ने ही राहुल को निडर बनाया

अपनी स्पीच में सोनिया गांधी ने राहुल के बारे में बोलते हुए कहा कि व्यक्तिगत हमलों ने ही राहुल को निडर बनाया है। सोनिया ने कहा कि 'एक मां के तौर पर मैं राहुल की तारीफ नहीं करना चाहती, लेकिन उन्होंने पिछले कुछ सालों में काफी व्यक्तिगत हमले झेले हैं। इन सबने राहुल को निडर और साहसी बनाया।' सोनिया ने आगे कहा कि 'मुझे पूरा विश्वास है कि राहुल पार्टी का नेतृत्व पूरे धैर्य और जिम्मेदारी से संभालेंगे।'

पार्टी ऑफिस में जश्न का माहौल

11 दिसंबर को राहुल गांधी जब प्रेसिडेंट बने, तो पार्टी में जश्न का माहौल था, लेकिन जब आज राहुल गांधी औपचारिक तौर पर कांग्रेस की कमान संभाल चुके हैं, तो ऐसे में पार्टी ऑफिस में एक अलग ही माहौल है। दिल्ली के 24 अकबर रोड में मौजूद कांग्रेस हेडक्वार्टर में उनकी ताजपोशी को लेकर भव्य कार्यक्रम किए गए। बताया जा रहा है कि जश्न के लिए स्पेशल तौर पर चांदनी चौक से आए हलवाई लड्डू और जलेबी समेत कई तरह की मिठाईयां बनाई गई। इसके साथ ही दिल्ली के यूथ कांग्रेस ऑफिस में जश्न की तैयारियां की गई है।


देशभर में मनेगी 'राहुलराज' की खुशी

खबरों की मानें तो राहुल की ताजपोशी का जश्न सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे देश में मनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि देश भर के कांग्रेस ऑफिसों में कई तरह के कार्यक्रम रखे गए हैं। कहा जा रहा है कि राहुल की ताजपोशी के जश्न में दिल्ली और लखनऊ समेत कई जगहों के पार्टी ऑफिसों को लाइटों से सजाया गया है।



 

कांग्रेस ऑफिस में प्रेसिडेंट की कुर्सी पर बैठेंगे राहुल

16 दिसंबर को राहुल गांधी दिल्ली के कांग्रेस हेडक्वार्टर में प्रेसिडेंट की कुर्सी पर बैठेंगे। इससे पहले उनकी मां और 19 सालों तक कांग्रेस प्रेसिडेंट रह चुकी सोनिया गांधी उन्हें पार्टी की कमान सौंपेंगी। इस दौरान पार्टी ऑफिस में सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। बताया ये भी जा रहा है कि कार्यक्रम में सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह का भाषण भी होगा। इसके बाद राहुल गांधी पहली बार प्रेसिडेंट के तौर पर पार्टी वर्कर्स को एड्रेस करेंगे।



सोनिया ने किया रिटायरमेंट का ऐलान

इससे पहले शुक्रवार को संसद भवन पहुंची सोनिया गांधी ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान भी कर दिया। दरअसल, शुक्रवार को संसद भवन में सोनिया गांधी से जब पूछा गया कि राहुल के प्रेसिडेंट बनने के बाद पार्टी में आपकी क्या भूमिका रहेगी? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 'मैं अब रिटायर हो रही हूं।' साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राहुल ही पिछले 3 सालों से पार्टी के फैसले ले रहे हैं। बता दें कि सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से बीमार चल रही हैं और काफी समय से एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर हैं।



4 दिसंबर को राहुल ने भरा है नॉमिनेशन

इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए 4 दिसंबर को कांग्रेस हेडक्वार्टर में जाकर नॉमिनेशन फाइल किया है। कांग्रेस की इलेक्शन अथॉरिटी ने प्रेसिडेंट के लिए नॉमिनेशन फाइल करने के लिए 1 से 4 दिसंबर की तारीख तय की थी। इस दौरान राहुल के साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद थे। बताया जा रहा है कि राहुल को प्रेसिडेंट बनाने के लिए 89 नॉमिनेशन फाइल हुए थे, लेकिन उनके खिलाफ अब तक किसी ने भी नॉमिनेशन फाइल नहीं किया है। जिसके बाद 11 दिसंबर को राहुल को निर्विरोध पार्टी का प्रेसिडेंट चुन लिया गया।

नेहरू-गांधी परिवार के 6वें शख्स होंगे राहुल

कांग्रेस के प्रेसिडेंट बनते ही राहुल गांधी नेहरू-गांधी परिवार के 6वें शख्स बन जाएंगे, जो इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनसे पहले इस परिवार से मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी इस पद को संभाल चुकी हैं। बता दें कि राहुल से पहले उनकी मां सोनिया गांधी 19 साल से इस पद को संभाल रहीं हैं। अपने पति और फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर राजीव गांधी की मौत के 7 साल बाद यानी 1998 में कांग्रेस प्रेसिडेंट बनीं थीं।

सबसे ज्यादा समय तक सोनिया रहीं अध्यक्ष
 
कांग्रेस की प्रेसिडेंट के रूप में सबसे ज्यादा समय तक सोनिया गांधी रहीं हैं। अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत के 7 साल बाद यानी 1998 में सोनिया कांग्रेस की प्रेसिडेंट बनीं थीं। इसके बाद 19 साल तक सोनिया इस पद पर रहीं हैं। अब राहुल गांधी इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। 132 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी में 45 साल तक कांग्रेस की कमान नेहरू-गांधी परिवार ने ही संभाली है। सोनिया से पहले जवाहरलाल नेहरू 11 साल तक इस पद पर रहे। उनके बाद इंदिरा गांधी 7 साल, राजीव गांधी 6 साल और मोतीलाल नेहरू 2 साल तक कांग्रेस प्रेसिडेंट रहे।  

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