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राजस्थान चुनाव : बीजेपी 4G की स्पीड से बदल रही मुस्लिम गांवों के नाम

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 10th, 2018 10:01 IST

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राजस्थान चुनाव : बीजेपी 4G की स्पीड से बदल रही मुस्लिम गांवों के नाम

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रचार तेज कर दिया है। चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने राजस्थान की जमीन पर अपना एक नया दांव चला है। बीजेपी अब अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए हिंदुओं को रिझाने में लगी है। इसी क्रम में वसुंधरा सरकार द्वारा हिंदू बहुल गांवों के मुस्लिम नाम 4G की स्पीड से बदले जा रहे हैं।

राजस्थान सरकार अपना यह चुनावी खेल ग्रामीण पंचायत के कंधों पर बंदूक रखकर खेल रही है। सरकार का कहना है कि गांव की पंचायत की सिफारिश पर यह सब किया जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि उनकी ये मांग लंबे समय से थी जिसकी सुनवाई अब जाकर हो रही है। बता दें कि भारत सरकार ने राजस्व विभाग की सिफारिश पर ऐसे करीब 15 गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग गांव के नए नामों का गजट प्रकाशित कर रही है।

हालांकि बीजेपी सरकार का यह दांव कांग्रेस पार्टी को बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि बीजेपी हमेशा लोगों को सियासी फायदा लेने के लिए लोगों को बांटने का काम करती है।

सलेमाबाद बना श्री निंबार्क तीर्थ
अजमेर जिले के किसनगढ़ के सलेमाबाद का नाम बदलकर श्री निंबार्क तीर्थ कर दिया गया है। इसका तर्क यह दिया जा रहा है कि यह हिंदू बहुल्य है और यहां हिंदूओं के निंबार्क तीर्थ होने की वजह से लंबे समय से इसका नाम बदलने की मांग हो रही थी। सलेमाबाद के सरपंच धरणीधर उपाध्याय ने बताया कि नाम यहां के रहने वाले जागीरदार सलीम खान के नाम पर पड़ा था, मगर अब इस गांव में सिर्फ एक ही मुस्लिम परिवार रहता है।


इतना ही नहीं सरकार ने तो इस गांव के एक स्कूल का नाम तक बदल दिया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने बगैर भारत सरकार की सहमति लिए यहां के स्कूल का नाम भी बदल दिया है। मंत्री जी ने यहां के स्कूल के नाम में निंबाकाचार्य जोड़ दिया है।


4जी की स्पीड से महेश नगर में बदल गया 'मियां का बाड़ा'
राजस्थान की बीजेपी सरकार ने 'मियां का बाड़ा' गांव का नाम बदलकर महेश नगर कर दिया है। यहा गांव बाडमेर जिले में आता है। जिला कलेक्टर ने तुरंत सब जगह से नाम हटाने का आदेश जारी कर दिया है। यहां तेजी से अब 'मियां का बाड़ा' नाम के साइनबोर्ड हटाकर महेश नगर का साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

 


गांव के पूर्व सरपंच हनुवंत सिंह का कहना है कि मुगल काल में इसका नाम महेश नगर था जिसे बाद में बदलकर 'मियां का बाड़ा' कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि  मियां शब्द मुस्लिम लोगों के लिए प्रयोग होता है और बाड़ा मतलब रहने की जगह होती है। नाम सुनकर ऐसा लगता है जैसे ये मुस्लिमों का गांव है, जबकि गांव में सिर्फ मुस्लिमों के तीन ही घर हैं और 21 लोगों की मुस्लिम आबादी है। वहीं राजस्थान सरकार के राजस्व राज्यमंत्री अमराराम का तर्क है कि जब पूरे गांव में तीन ही मुस्लिम परिवार रहते हैं, तो फिर इसका नाम मुस्लिम क्यों रखा जाए?


अब दोनों इस्माईलपुर गांव बदल गए
राजस्थान के झुंझुनू में इस्माईलपुर नाम के दो गांव हैं। इन दोनों ही गांवों में केवल हिंदू लोग रहते हैं। यही कारण है इन नामों को भी तेजी के साथ बदल दिया गया। एक ईस्माईलपुर का नाम पिचनवा खुर्द रख दिया गया है, जबकि दूसरे इस्माईलपुर का नाम कौशलनगर या ईश्वर नगर रखना चाहते हैं। सरपंच नितीराज सिंह ने बताया कि हम काफी लंबे समय से नाम बदलने की मांग कर रहे हैं, जो अब जाकर पूरी होगी। बता दें कि यहां भी लोगों ने वही घिसा-पिटा तर्क दिया कि जब गांव में मुस्लिम रहते ही नहीं हैं, तो गांव का नाम मुस्लिम क्यों रखा जाए।


मंडफिया गांव या फिर सांवलिया सेठ
चित्तौडगढ़ जिले में स्थित मंडफिया गांव अब जल्द ही सांवलिया सेठ के नाम में बदलने जा रहा है। यहां सांवलिया सेठ का विशाल मंदिर है, जिसका अक्षरधाम की तर्ज पर विकास हुआ है। यही कारण है कि मंडफिया गांव देश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह गांव चित्तौडगढ़ जिले की भदेसर तहसील में आता है। लंबे समय से मंडफिया गांव का नाम सांवलियाजी करने की मांग उठती आई है।

मंडफिया गांव का नाम बदलने में दूसरा तर्क यह भी है कि इसी नाम का एक गांव भीलवाड़ा जिले की सीमा पर भी है। ऐसे में कई बार सांवलियाजी की डाक सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज जिनमें चढ़ावे में आने वाले चेक, मनीऑर्डर आदि भी समय पर नहीं पहुंचते। जिसके चलते क्षेत्रवासियों की भावना है कि गांव का नाम सांवलियाजी हो।
 


एक नजर इन गांव पर...
राजस्थान में जालौर के नरपाड़ा का नाम नरपुरा, मेडा ब्राह्मन का नाम मेडा पुरोहितान, नवलगढ़ के डेवा की ढाणी का नाम गिरधारीपुरा किया गया है। जबकि चित्तौड़ के ही मोहम्मदपुरा का नाम मेडी का खेड़ा, नवाबपुरा का नाम नईसरथल, रामपुर-आजमपुर का सीताराम जी का खेड़ा रखने का नाम प्रस्तावित है।

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