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साउथ अफ्रीका पर ऊपरवाला दिखा मेहरबान, इन कारणों से हुई भारत की हार

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 12th, 2018 00:34 IST

साउथ अफ्रीका पर ऊपरवाला दिखा मेहरबान, इन कारणों से हुई भारत की हार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच खेले गए चौथे वन डे मैच में भारत की हार की कई वजह रहीं। तीन मैचों के बाद पिंक जर्सी में खेलेने उतरी साउथ अफ्रीका के साथ ऊपरवाला भी दिखा। पहले तो बारिश की वजह से बार-बार मैच बाधित हुआ, फिर कई ऐसे मौके आए जो दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में गए। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस दिन वक्त ने भारत का साथ बिल्कुल भी नहीं दिया। हमारी इस रिपोर्ट में पढ़िए वो वजहें जिस कारण इस मैच में इंडिया को हार का सामना करना पड़ा।

बारिश का खलल और शिखर आउट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनिंग बैट्समैन रोहित शर्मा को कागिसो रबाडा ने 20 रन के स्कोर पर आउट कर दिया। इसके बाद शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली ने पारी को संभालते हुए स्कोर को 178 रनों तक पहुंचाया। विरोट कोहली के आउट होने के बाद 34वें ओवर में बारिश के कारण खेल रोक दिया गया। बारिश के रुकने के बाद जब भारतीय टीम दोबारा बैटिंग करने उतरी तो बेहतरीन बैटिंग कर रहे शिखर धवन का विकेट साउथ अफ्रीका ने ले लिया। 

  
हार्दिक पंड्या का आउट होना
247 रनों पर भारत के 5 विकेट गिर गए थे। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी का साथ देने हार्दिक पंड्या आए, लेकिन पंड्या जब 9 रनों पर खेल रहे थे, उसी समय कागिसो रबाडा की एक तेज गेंद को उन्होंने खेला, लेकिन सामने खड़े एडेन मार्करम ने हवा में उछलते हुए इस मुश्किल कैच को पकड़ लिया। इस कैच को साल का सबसे बेस्ट कैच माना जा रहा है। जिस किसी ने भी ये कैच देखा, उसे आंखों पर भरोसा नहीं हुआ।  ये मैच के लिए अहम टर्निंग प्वाइंट था, अगर पंड्या क्रीज पर रहते तो स्कोर आसानी से 300 के पार जाता।


मिलर के जीवनदान ने पलटी बाजी
290 रनों के टार्गेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम की शुरुआत खराब रही। जिसके बाद बारिश ने एक बार फिर मैच में खलल डाला और अफ्रीका को डकवर्थ लुईस के तहत 202 रनों का लक्ष्म मिला। एक वक्त में दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 4 विकेट खोकर 102 रन था और भारतीय टीम जीत की ओर बढ़ रही थी। लेकिन इसके बाद एक बार फिर उपर वाले ने साउथ अफ्रीका का सात दिया और डेविड मिलर  को दो बार जीवनदान मिले। बस यहीं से बाजी एक बार फिर साउथ अफ्रीका के पक्ष में चली गई। मिलर को जीवनदान देना भारत को भारी पड़ा। एक बार डीप में उनका कैच छूटा तो दूसरी बार युजवेंद्र चहल की 'नो बॉल' गेंद पर वह बोल्ड हुए। वह उस समय क्रमश: 6 और सात रन पर थे। उन्होंने इन जीवनदान का फायदा उठाते हुए महज 28 गेंद में ताबड़तोड़ 39 रन बना डाले। मिलर ने जीवनदान का भरपूर फायदा उठाया और खेल का रूख ही बदल दिया।


स्पिनरों ने डुबोई नय्या
कप्तान विराट कोहली द्वारा डेथ ओवरों में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के बजाय स्पिनरों से गेंदबाजी कराने का फैसला भी सबको हैरान किया। डेथ ओवरों में भुवनेश्वर और बुमराह से गेंदबाजी नहीं कराई गई जबकि कलाई के स्पिनर काफी रन गंवा रहे थे। डेथ ओवरों में बल्लेबाज ताबड़तोड़ रन बन रहे थे लेकिन कोहली स्पिनरों पर दांव लगाए बैठे थे। कोहली का यह फैसला हालांकि कारगर नहीं रहा क्योंकि स्पिन जोड़ी दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को रोकने में असफल रही जिससे उन्होंने 11.3 ओवर में 119 रन लुटाये और महज तीन विकेट हासिल किए।


अफ्रीका का पिंक फैक्टर
चौथे मैच में पिंक जर्सी के साथ उतरी दक्षिण अफ्रीका टीम के लिए ये जर्सी एक बार फिर लकी साबित हुई। पिंक जर्सी पहनकर अभी तक अफ्रीका ने जीतने भी मैच खेले हैं उन सभी मैचों में उसने जीत दर्ज की है। भारत के खिलाफ भी उसका ये विजय अभियान जारी रहा। बता दें कि भारत और अफ्रीका के बीच खेला गया यह मैच पिंक वनडे था, जो ब्रेस्ट कैंसर के लिए जागरूकता जगाने के मकसद से खेला गया। पहली बार इसका आयोजन 2011 में हुआ था और अब यह छठवीं बार खेला गया।
 

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