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क्यों नहीं दे रहे बीएड-डीएड कॉलेज को मान्यता, राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल को नोटिस

क्यों नहीं दे रहे बीएड-डीएड कॉलेज को मान्यता, राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल को नोटिस

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को नोटिस जारी कर पूछा है कि दमोह के बीएड-डीएड कॉलेज को मान्यता क्यों नहीं दी जा रही है। जस्टिस राजीव दुबे और जस्टिस वीपीएस चौहान की युगल पीठ ने अनावेदकों को 18 जून तक जवाब देने का निर्देश दिया है। 

बीएड-डीएड शिक्षा के लिए सभी संसाधन मौजूद हैं 

दमोह के नव जाग्रति एजुकेशन सोसायटी की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि उनके द्वारा बीएड और डीएड कॉलेज का संचालन किया जाता है। कॉलेज की मान्यता के लिए सोसायटी की ओर से 15 दिन विलंब से फीस जमा की गई। इसके आधार पर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कॉलेज को मान्यता देने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया कि कॉलेज के पास बीएड-डीएड शिक्षा के लिए सभी संसाधन मौजूद है। कॉलेज द्वारा सभी मापदंडों को पूरा किया जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित सिंह ने तर्क दिया कि केवल विलंब से फीस जमा करने के आधार पर मान्यता देने से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रांरभिक सुनवाई के बाद युगल पीठ ने राज्य सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल को नोटिस जारी कर 18 तक जून तक जवाब देने का निर्देश दिया है।

एमआईसी की बैठक में  हुई चर्चा

नगर निगम मुड़वारा में मेयर इन काउंसिल की बैठक सोमवार को आयोजित हुई। तीन घंटे की बैठक में भी जनहितैषी मुद्दों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। जिस पर आज चर्चा की जाएगी।  पेयजल, नालों की सफाई को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं की गई। आज इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।  बैठक में 35 प्रकरण रखे गए जिसमें एक दर्जन प्रकरण पर सहमति बनी। पेयजल की समस्या सभी की प्रमुखता में रही। इसके बावजूद इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। 15 दिन बाद बारिश होना है। नालियों की क्या स्थिति रहेगी कहीं पर जल भराव न बनने पाए इसे लेकर भी किसी तरह की चर्चा नहीं की गई।

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