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सीएम ने कहा- टैंकरों से नांदेड़ के गांव-गांव पहुंचाओ भरपूर पानी, नागपुर में नदी-तालाब और नालों की सफाई का निर्देश

सीएम ने कहा- टैंकरों से नांदेड़ के गांव-गांव पहुंचाओ भरपूर पानी, नागपुर में नदी-तालाब और नालों की सफाई का निर्देश

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ में टैंकरों के जरिए नियमित और भरपूर पानी पहुंचाने का निर्देश दिया हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को नागरिकों से अधिकाधिक चर्चा करके सूखे से निपटे के लिए परिणामकारक उपाय करने को कहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सरकारी आवास वर्षा पर वर्धा, वाशिम,नांदेड़ और हिंगोली जिले की सूखे की स्थिति के बारे में समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने ऑडियो ब्रिज के माध्यम से जिला प्रशासन और गांवों के सरपंचों से संवाद साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा राहत के लिए प्रशासन सतर्क रहकर कार्यवाही करें। जिन जगहों पर टैंकर शुरू है, वहां पर मांग के अनुसार नियमित और आवश्यकता अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा राहत के काम में नागरिकों की तरफ से कोई शिकायत न मिलने पाए। नांदेड़ के मुखेड, देगलूर व उमरी तहसील के 306 गांवों में सूखा घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने हिंगोली में पुरानी जलापूर्ति योजनाओं के मरम्मत के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया। उन्होंने कहा कि सूखा राहत के काम में प्रशासन को संवेदनशीलता से तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। हिंगोली के सेनगांव, कलमनुरी और हिंगोली तहसील में सूखा घोषित किया गया है। तीनों तहसीलों के 433 गांवों में सूखा पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्धा में जलसंकट पर मात करने के लिए आवश्यकता अनुसार टैंकर की व्यवस्था, विशेष मरम्मत के लिए पुरानी जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत की जाए या फिर नए पाइप लाइन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि वर्धा में जरूरत पड़ने पर चारा छावनी और मनरेगा योजना के कामों को शुरू किया जाए। वर्धा केआष्टी और करंजा तहसील में सूखा घोषित किया गया है। दोनों तहसीलों के 258 गांव सूखा प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वाशिम में गांव वालों के मांग के अनुसार पानी के टैंकर और नरेगा योजना के तहत काम का नियोजन करने के निर्देश दिए हैं। जिले के रिसोड तहसील में सूखा घोषित किया गया है। तहसील के 100 गांवों सूखे के चपेट में है। 

नागपुर में नदी, तालाब और नालों से गाद निकालने मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में नदी, तालाब और नालों के गाद निकालने का निर्देश दिए हैं। जिले की नरखेड तहसील के संरपच की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने जिला परिषद के प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सरकारी आवास वर्षा पर ऑडियो ब्रीज के जरिए नागपुर के जिला प्रशासन और संरपचों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांवों में गाद मुक्त बांध, गाद मुक्त शिवार योजना के तहत जलस्रोत स्थल पर गाद निकालने और गहरा करने के बारे में आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने नागपुर के सूखा प्रभावित काटोल, कलमेश्वर, नरखेड तहसील के संरपचों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कई गांवों में नदी और तालाबों के द्वारा जलापूर्ति होती है लेकिन गाद के कारण जलस्रोत में पानी का संचय नहीं हो पाता है। इसलिए नदी, नाले और तालाबों का गाद निकाला जाए। इस दौरान काटोल तहसील के मंगला कांबले, नितीन गजभिये की तरफ से पुरानी जलापूर्ति योजना की पाइप लाइन की मरम्मत करने की मांग की गई। जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रशासन को गांव में योजना का निरीक्षण करके विशेष मरम्मत योजना में शामिल कर सकने के बारे में रिपोर्ट देने को कहा। नागपुर के काटोल, कलमेश्वर और नरखेड तहसील के 452 गांवों में सूखा घोषित किया गया है। इन गांवों के 79 हजार 551 किसानों को 53.98 करोड़ रुपए का सूखा अनुदान दिया गया है। जिले के 46 हजार 695 किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन कराया था। इसमें से 5 हजार 356 पात्र किसानों के खाते में 7.22 करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत जिले के 80 हजार 551 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 24 हजार किसानों को 4.80 करोड़ रुपए दिए गए हैं जबकि बाकी किसानों को लाभ देने की कार्यवाही शुरू है। नागपुर में नरेगा योजना के मंजूर 1 हजार 512 काम मंजूर है। नरेगा में 6 हजार 34 मजदूर काम कर रहे हैं जबकि 13 हजार 545 कामा सेल्फ पर हैं। 
 

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