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रीवा: गांव में घुसकर बाघ ने फैलाई दहशत, वन विभाग की टीम ने किया ट्रेंकुलाइज

रीवा: गांव में घुसकर बाघ ने फैलाई दहशत, वन विभाग की टीम ने किया ट्रेंकुलाइज

डिजिटल डेस्क, रीवा। गुढ़ तहसील के डढ़वा गांव में मंगलवार सुबह बाघ के घुसने से दशहत मच गई। बाघ की दहाड़ से सारा गांव गूंज उठा। गांव के बीच बाघ को देख भयभीत ग्रामीणों ने खुद को घरों में कैद कर लिया। मौके पर पहुंचे वन अमले ने ट्रेंकुलाइज कर बाघ पर काबू पाया और बेहोशी की हालत में उसे सीधी के संजय गांधी नेशनल पार्क के लिए रवाना कर दिया। बाघ कहां से आया, यह जानकारी वन महकमा जुटा रहा है।


घरों में दुबककर बैठे लोग
जंगल से भटककर इटार पहाड़ होते हुए बाघ डढ़वा गांव में मंगलवार सुबह पांच बजे उमेश विश्वकर्मा के बाड़े में पहुंच गया। देखने के बाद भी घर के लोग नहीं समझ पाए, लेकिन जैसे ही बाघ ने दहाड़ लगाई लोग घरों के अंदर दुबक गए। थोड़ी देर में बाघ के गांव में आ जाने की सूचना फैल गई, जिसकी जानकारी कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव को दी गई और सुबह 9 बजे के आसपास रीवा के वन अमले सहित मुकुंदपुर की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तब तक बाघ उमेश लोहार के बाड़े में पहुंच गया था।


ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू टीम ने छत में चढ़कर बाघ को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास किया, लेकिन निशाना चूक गया और आवाज सुनकर बाघ समीप में एक आम के पेड़ में चढ़ गया। लगभग डेढ़ घंटे तक बाघ आम के पेड़ में टंगा रहा। मौके पर पहुंचे वन मंडल अधिकारी विपिन पटेल ने रेस्क्यू टीम के साथ बाघ के मूवमेंट बदलवाने का प्रयास किया। लेकिन बाघ पेड़ से नीचे नहीं कूदा। जिस पर एक लंबे से बांस में इंजेक्शन बांधकर पेड़ में टंगे बाघ के शरीर पर जोर से चुभोया गया। दो मिनट में बाघ बेहोश हो  गया और नीचे फैलाए गए जाल में गिर गया। जिसके बाद उसे संजय गांधी नेशनल पार्क ले जाया गया। सुबह 9 बजे से बाघ का शुरू हुआ रेस्क्यू दोपहर बारह बजे के आसपास समाप्त हुआ। लगभग 6 से 7 घंटे ग्रामीण दहशत में रहे।
 

गांव में करायी मुनादी
गांव में पहुंचने के बाद वन विभाग ने मुनादी कराकर लोगों को घरों से बाहर न आने की हिदायत दी, लेकिन गांव के कुछ लोग उत्सुकता वश वन अमले के साथ लगे रहे। इस संबंध में वनमंडल अधिकारी विपिन पटेल का कहना है कि बाघ कहां से आया इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। बाघ ने गांव में किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

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