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सक्रीय राजनीति में उतरेंगे वाड्रा! कहा- लोगों को लगा तो मैं पूरी ताकत के साथ उतरूंगा


हाईलाइट

  • रॉबर्ट वाड्रा राजनीति में उतरने का मन बना रहे हैं।
  • इस बात की पुष्टि रॉबर्ट वाड्रा ने खुद एक इंटरव्यू दौरान की।
  • वाड्रा ने कहा कि जिस दिन लोगों ने कह दिया, वह ठीक उसी दिन राजनीति में शामिल हो जाएंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा राजनीति में उतरने का मन बना रहे हैं। इस बात की पुष्टि उन्होंने खुद एक इंटरव्यू के दौरान की। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि राजनीति में आने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वाड्रा ने कहा कि जिस दिन लोगों ने कह दिया, वह ठीक उसी दिन राजनीति में शामिल हो जाएंगे। 

रॉबर्ट वाड्रा से सोमवार को एक इंटरव्यू के दौरान यह पूछे जाने पर कि वह कब राजनीति में उतर रहे हैं? वाड्रा ने इसका जवाब देते हुए कहा, अभी फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। मेरी अभी राजनीति में शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है। लेकिन मैं लोगों के बीच हूं और कड़ी मेहनत कर रहा हूं। जब लोगों को लगेगा कि मुझे राजनीति में प्रवेश करना चाहिए, तो मैं पूरी ताकत के साथ उतरूंगा।

इससे पहले वाड्रा की पत्नी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी भी राजनीति में सक्रीय हो गई थीं। इसके बाद से ही रॉबर्ट वाड्रा के भी राजनीति में उतरने के कयास लगाए जा रहे हैं। इस साल फरवरी में वाड्रा ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था एक बार मेरे ऊपर लगे आरोप खत्म हो जाएं, तो मैं लोगों की सेवा में बड़ी भूमिका निभा सकता हूं। अप्रैल में वाड्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि वह राहुल गांधी और सोनिया गांधी द्वारा नामांकन भरने के बाद पूरे देश में कांग्रेस का प्रचार करेंगे। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा से मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन घोटाले को लेकर ईडी पूछताछ कर रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग का यह केस 19 लाख पाउंड (करीब 17 करोड़ रुपये) की लंदन स्थित एक प्रॉपर्टी की खरीदारी से जुड़ा हुआ है। लंदन के 12, ब्रायनस्टन स्क्वेयर में यह प्रॉपर्टी स्थित है। ED के अनुसार, इस प्रॉपर्टी को सबसे पहले संजय भंडारी ने 19 लाख पाउंड में खरीदा था। इसके रिनोवेशन पर 65,900 पाउंड खर्च करने के बाद इसे  2010 में फिर से 19 लाख पाउंड में ही बेच दिया गया। इस बार खरीददार रॉबर्ट वाड्रा थे। ED का दावा है कि भंडारी कभी भी प्रापर्टी का वास्तविक मालिक नहीं था, वास्तविक मालिक पहले भी वाड्रा ही थे। भंडारी को बीच में बस फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया था। ED ने यह भी आरोप है कि वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के कर्मचारी अरोड़ा की भी इस सौदे में महत्वपूर्ण भूमिका थी। ED का कहना है कि अरोड़ा ने इस सौदे के लिए पैसों की व्यवस्था की थी।

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