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RTI से खुलासा : ट्रेन की छत पर यात्रा करने वाले 143 लोगों ने गंवाई जान

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 13th, 2018 20:31 IST

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RTI से खुलासा : ट्रेन की छत पर यात्रा करने वाले 143 लोगों ने गंवाई जान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महानगर की लोकल ट्रेनों से गिरने, कटने के चलते तो रोजाना 10-12 यात्रियों की जान जाती है, लेकिन भीड़ के चलते छतों पर सफर करने का दुस्साहस करने वाले कई लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ती है। महानगर में ट्रेन की छतों पर यात्रा के दौरान बिजली के तार के चपेट में आने से पिछले साढ़े पांच सालों में 143 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। यही नहीं इस दौरान बिजली की झटके से 138 यात्री जख्मी भी हुए हैं। छतों पर सफर के दौरान बिजली के झटके लगने के सबसे ज्यादा मामले हार्बर लाइन में स्थित तिलक नगर और चेंबूर रेलवे स्टेशनों के बीच सामने आए हैं।

रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक जनवरी 2013 से मई 2018 तक ट्रेनों की छत पर सफर कर रहे यात्रियों के ओवरहेड वायर की चपेट में आने के 281 मामले सामने आए जिसमें 143 यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस दौरान मध्य रेलवे की लोकल ट्रेनों यानी सीएसएमटी से कर्जत/कसारा के बीच सफर करने वाले 67 यात्रियों की मौत हुई जबकि 52 जख्मी हुए। पश्चिम रेलवे में चर्चगेट से पालघर के बीच छत पर सफर कर रहे 40 यात्रियों की मौत हुई और 31 यात्री घायल हुए। इसी तरह हर्बर लाइन यानी सैंडहर्स्ट रोड से पनवेल के बीच छत पर यात्रा करने वाले 36 यात्रियों की मौत हुई जबकि 39 जख्मी हुए। ओवरहेड वायर से बिजली का झटका लगने के चलते सबसे ज्यादा 36 हादसे चेंबूर और तिलकनगर स्टेशनों के बीच हुए जिनमें 16 लोगों की जान चली गई। 

आरटीआई कार्यकर्ता शकील शेख के मुताबिक गाड़ियों की कमी और भीड़भाड़ के चलते गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश में कई बार युवक छतों पर सफर करते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो स्टंटबाजी और दिखावे के चक्कर में जान जोखिम में डालते हैं। खासकर गोवंडी और चेंबूर जैसे इलाकों में रहने वाले कई युवक इस तरह की स्टंटबाजी करते हैं।

शेख के मुताबिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के साथ साथ रेलवे को ऐसे युवाओं पर लगाम लगाने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए। खास बात ये है कि छत पर सफर के दौरान दो महिलाएं भी हादसे का शिकार हुईं हैं इनमें से एक को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जबकि दूसरी जख्मी हुई थी। 

हादसों में हो रही है कमी- आरपीएफ
आरपीएफ के वरिष्ठ विभागीय सुरक्षा आयुक्त सचिन भलोदे के मुताबिक ओवरहेड वायर में विद्युत प्रवाह 1500 वोल्ट डायरेक्ट करंट से बढ़ाकर 25 हजार वोल्ट अल्टरनेट करंट किए जाने के बाद ऐसे हादसों में कमी आई है। अब डर के चलते ज्यादातर स्टंटबाज छतों पर नहीं चढ़ते। साथ ही हम लगातार इसके खतरों को लेकर यात्रियों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा अवैध रुप से छतों पर सफर करने वालों के खिलाफ आरपीएफ कार्रवाई करती है। 
छत पर जानलेवा सफर

साल       2013   2014     2015    2016   2017   2018(मई)  

घायल      21       23        18        36      27       13

मौत         27       24        17       34      26       15
 

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