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अमेरिका पर रूस की जवाबी कार्रवाई, 60 राजनयिकों को दिया देश छोड़ने का आदेश

अमेरिका पर रूस की जवाबी कार्रवाई, 60 राजनयिकों को दिया देश छोड़ने का आदेश

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। अमेरिका द्वारा रूस के 60 राजनयिकों को निष्कासित करने के ऐलान के जवाब में रूस ने जवाबी कार्रवाई की है। रूस ने भी अमेरिका के 60 राजनयिकों को देश छोड़ने का निर्देश दे दिया है। इसके साथ ही रूस ने सेंट पीट्सबर्ग स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का भी ऐलान किया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को बताया, 'अमेरिका के 60 राजनयिकों को 5 अप्रैल तक रूस छोड़ने का आदेश दिया गया है। इनमें मॉस्को में अमेरिकी मिशन के 58 कर्मचारी और येकातेरिनबर्ग के 2 कर्मचारी शामिल हैं।'

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने विदेश मंत्रालय के इस फैसले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस ने कभी भी प्रतिबंधों के जवाब में जवाबी कार्रवाई शुरू नहीं की, लेकिन इस बार कार्रवाई करना जरूरी था। उन्होंने कहा यह कूटनीतिक युद्ध अमेरिका और ब्रिटेन ने शुरू किया है, रूस ने नहीं।

गौरतलब है कि अमेरिका ने बीते सोमवार को 60 रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि अमेरिका में राजनयिक के तौर पर काम कर रहे ये लोग असल में जासूस हैं। जिन रशियन अधिकारियों को निष्कासित किया गया था उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया था।  दरअसल, अमेरिका ने यह कार्रवाई रूस द्वारा ब्रिटेन में अपने पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपल को जहर देने का मामला सामने आने के बाद की है।

इससे पहले ब्रिटेन ने भी पिछले दिनों रूस के 23 राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। ब्रिटेन का आरोप था कि रूस ने लंदन में उनके पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया को जहर दिया था। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे इस मामले में रूस को जिम्मेदार बताया था। थेरेसा मे ने इसके साथ ही रूस के साथ अपने सभी उच्चस्तरीय संपर्क भी खत्म करने का ऐलान किया था। उन्होंने ब्रिटेन की संसद को बताया था कि पूर्व रूसी जासूस को ब्रिटेन में नर्व एजेंट के जरिए जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। थेरेसा मे ने ब्रिटेन में मौजूद सभी रूसी राजनयिकों को भी अघोषित जासूस करार दिया था।

रूस ने ब्रिटेन की इस कार्रवाई के खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई की थी। रूस विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कहा था, 'ब्रिटेन ने सैलिसबरी में हुई घटना पर मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। इसीलिए रूस में स्थित ब्रिटेन के दूतावास में 23 राजनयिकों को एक हफ्ते के अंदर देश छोड़ने को कहा गया है। रूस में अब ब्रिटिश काउंसिल की कोई गतिविधी नहीं होगी।' बयान में यह भी कहा गया था कि रूस के प्रति गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई पर रूसी पक्ष को अधिकार है कि वह जवाबी कदम उठाए।

बता दें कि यूरोपीय संघ और NATO में अमेरिका समेत ब्रिटेन के 2 दर्जन से ज्यादा सहयोगी देशों ने इस मामले में अपने-अपने देशों से रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है।

यह है मामला
रूस के पूर्व जासूस सर्गेइ वी. स्क्रिपल (66) और उनकी बेटी युलिया(33) 4 मार्च को दक्षिणी इंग्लैंड के सैलिसबरी में बेहोशी की हालत में पाए गए थे। जांच में पाया गया था कि उन्हें जहर दिया गया है। दोनों अभी भी अस्पताल में हैं, उनकी हालत अभी सामान्य बताई जा रही है। ब्रिटेन का आरोप है कि रूस के एजेंटों ने सर्गेइ और उनकी बेटी को जहर दिया है। इसमें रूसी राजनयिकों का भी हाथ बताया गया था।

बता दें कि रूस ने अपने सेवानिवृत सैन्य खुफिया अधिकारी स्क्रिपल को साल 2006 में 13 वर्ष की सजा सुनाई थी। रूस ने स्क्रिपल पर ब्रिटेन के लिए जासूस करने के आरोप के तहत यह कार्रवाई की थी। हालांकि, बाद में उन्हें माफी मिल गई थी और ब्रिटेन ने उन्हें नागरिकता दे दी थी। वह तभी से ब्रिटेन में ही रह रहे हैं।

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Durgesh salame April 06th, 2018 18:06 IST

यह वर्ल्ड वार का संकेत की तरह देखा जा सकता है,,,,,