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बिजली बंद हुई तो वेतनवृद्धि से होना होगा वंचित : ऊर्जामंत्री बावनकुले

बिजली बंद हुई तो वेतनवृद्धि से होना होगा वंचित : ऊर्जामंत्री बावनकुले

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अब बार-बार बिजली खंडित करना विद्युत विभाग को महंगा पड़ सकता है। यदि उपभोक्ता की विद्युत आपूर्ति बाधित होती है,  तो इसके लिए शाखा अभियंता को जवाबदार माना जाएगा। इसका सीधा असर उसकी वेतनवृद्धि पर पड़ सकता है। यह संकेत सोमवार को ऊर्जामंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए। वे महावितरण के नागपुर मंडल की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य अभियंता दिलीप घुगल, जिला विद्युत नियंत्रण समिति के अध्यक्ष गिरीश देशमुख, एसएनडीएल के व्यवसाय प्रमुख सोनल खुराना सहित सभी अभियंता उपस्थित थे। 

फीडर बार-बार बंद होने का सवाल ही नहीं उठता

उन्होंने कहा कि यदि देख-भाल सही तरीके से हो तो फीडर बार-बार बंद होने का सवाल ही नहीं उठता। तकनीकी कारणों के अलावा विद्युत आपूर्ति खंडित होने पर माना जाएगा कि, मुख्य अभियंता की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता मुख्यालय में नहीं रहते, इसीलिए उन्हें मालूम ही नहीं होता कि, फीडर ट्रिप हुआ है या कोई खराबी आई है। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को बगैर बिजली के रहना पड़ता है। 

एसएनडीएल की खिंचाई

उन्होंने एसएनडीएल की भी खिंचाई की और कहा कि, एसएनडीएल भी उपभोक्ताओं को उचित सेवा देने में असफल हो रहा है। प्रतिदिन एसएनडीएल के विरुद्ध शिकायतें मिल रहीं हैं। उन्होंने एसएनडीएल को बर्खास्तगी का नोटिस भेजने के भी निर्देश प्रभारी प्रादेशिक निदेशक को दिए हैं। उन्होंने कहा कि, प्रभारी प्रादेशिक निदेशक अपने स्तर पर एसएनडीएल पर कार्रवाई करे। साथ ही कहा कि विद्युत संरचना को मजबूत करने के लिए शुरू आईडीपीडीएस व दीनदयाल योजनाओं के अंतर्गत होने वाले कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। इस कारण भी विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। बैठक में ऊर्जामंत्री ने सौर कृषि पंप कनेक्शन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बेरोजगार अभियंताओं को कार्य देने में प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। 

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