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इन आसान मंत्रों से करें 'हसंवाहिनी' पूजा, मिलेगा तीव्र बुद्धि का वरदान

January 09th, 2018 00:56 IST
इन आसान मंत्रों से करें 'हसंवाहिनी' पूजा, मिलेगा तीव्र बुद्धि का वरदान


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बसंत पंचमी, वसंत पंचमी या श्री पंचमी लगभग पूरे भारत में मनाया जाता है, किंतु पूर्वी भारत, पश्चिमोत्त, बांग्लादेश, नेपाल और और कई राज्यों में इसकी सर्वाधिक धूम होती है। इस दिन वीणावादिनी मां सरस्वती के पूजन का विधान है। शिक्षा, कला या संगीत क्षेत्र से जुड़े हुए लोग मां सरस्वती का वरदान चाहते हैं, ताकि उन्हें जीवन में मान-सम्मान व प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सके। यह भी कहा जाता है कि जो लोग मीठा बोलते हैं या जिनकी आवाज में मिठास होती है उन पर मां सरस्वती का विशेष वरदान होता है। यहां हम आपको मां सरस्वती को प्रसन्न करने के आसान मंत्र बताने जा रहे हैं...

सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्‌।


एकादशाक्षर सरस्वती मंत्र
ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।

''शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे। 

सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू।''

''वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ॥''

देवी हंसवाहिनी देंगी तीव्र बुद्धि एवं कला का वरदान

इस मंत्रों का जाप यदि आप नियमित 10 मिनट तक करते हैं तो देवी सरस्वती आपको तीव्र बुद्धि में वृद्धि का वरदान देती हैं। वे आपको बताती हैं कि कौन सा मार्ग या कार्य आपके लिए उर्पयुक्त होगा। आप कला के क्षेत्र में उन्नति प्राप्त् करेंगे। जीवन के सभी दोष एवं कष्ट दूर होंगे। ऐसी भी मान्यता है कि मां सरस्वती के प्रसन्न होते ही मां लक्ष्मी स्वयं ही प्रसन्न हो जाती हैं। अतः आपको धन की प्राप्ति भी होगी। वैसे तो मंद मुस्कान लिए, हंस पर विराजीं हसंवाहिनी माता वाग्देवी किसी पर कुपित नहीं होतीं फिर भी प्रत्येक मंत्र का जाप विधि अनुसार पूर्णतः स्वच्छ होकर या किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही करें। अन्यथा इसके विपरीत परिणाम भी देखने मिल सकते हैं। 

शिव की भी पूजा

बसंत पंचमी के दिन शिव पूजन का भी महत्व है। अतः आप माता सरस्वती के साथ ही शिव की आराधना कर उनके समक्ष अपनी मनोकाना पूर्ण होने की प्रार्थना कर सकते हैं।

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