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सऊदी सरकार की टैक्स प्रणाली बनी प्रवासी भारतियों की आफत

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 01st, 1970 05:30 IST

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सऊदी सरकार की टैक्स प्रणाली बनी प्रवासी भारतियों की आफत

टीम डिजिटल, नई दिल्ली. सऊदी अरब सरकार की नई टैक्स प्रणाली वहां रह रहे भारतियों के लिए आफत बनने वाली है. सऊदी प्रशासन आगामी 1 जुलाई से वहां रहने वाले प्रवासियों पर डिपेंडेंट टैक्स लगाने वाला है. इस नई टैक्स प्रणाली के अनुसार, सऊदी में प्रवासियों को परिवार रखने पर अतिरिक्त कर चुकाना होगा. नए नियम के तहत प्रवासी के साथ रह रहे आश्रित लोगों यानी कि बीवी-बच्चे, माता-पिता पर प्रति व्यक्ति 100 रियाल टैक्स (1760 रुपए) हर माह लगाया जाएगा. सऊदी सरकार का यह निर्णय वहां रह रहे लगभग 41 लाख भारतीयों पर भी पड़ेगा. आर्थिक बोझ से बचने के लिए सऊदी में रहने वाले भारतीय अपने माता-पिता और बीवी-बच्चों को भारत वापस भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

ऐसे समझे टैक्स का गणित
अगर कोई भारतीय वहां रहता है और उसके साथ उसकी पत्नी और 1 बच्चा रहता है. तो उसे हर महीने 200 रियाल यानी करीब 3400 रुपए टैक्स के तौर पर देने होंगे. खास बात यह है कि टैक्स की रकम को एडवांस में ही चुकानी होगी. यह टैक्स हर साल बढ़ता जाएगा. 2020 तक हर साल परिवार के प्रत्येक व्यक्ति पर 100-100 रियाल बढ़ाए जाएंगे इस तरह 2020 में परिवार के एक सदस्य पर 400 रियाल यानी 6800 रुपए टैक्स के तौर पर चुकाने होंगे. बता दें कि सऊदी अरब में उन्हीं लोगों के परिवार को वीजा मिलता है जो कि महीने में कम से कम 5000 रियाल यानी करीब 86,000 रुपए कमाते हैं.

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