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असम में NRC से बाहर रहे 10 फीसदी लोगों का हो दोबारा वेरिफिकेशन : सुप्रीम कोर्ट

August 28th, 2018 21:43 IST
असम में NRC से बाहर रहे 10 फीसदी लोगों का हो दोबारा वेरिफिकेशन : सुप्रीम कोर्ट

हाईलाइट

  • सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NRC ड्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NRC से बाहर रखे गए 10% लोगों का रीवेरिफिकेशन कराया जाए।
  • इस मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) का दूसरा और फाइनल ड्राफ्ट हाल ही में जारी किया गया था। इसे लेकर भारी विरोध भी देखने को मिला। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NRC ड्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NRC से बाहर रखे गए 10% लोगों का रीवेरिफिकेशन कराया जाए। NRC की विश्वसनीयता को जांचने के लिए यह सैंपल सर्वे होगा। यह सैंपल सर्वे दावों और आपत्तियों के साथ-साथ चलेगा। इस मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी, जिसमें फैमिली ट्री में बदलाव पर उठने वाले कानूनी पहलुओं पर सुनवाई करेगी।

NRC समन्वयक से मांगी SC ने विस्तृत रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने NRC समन्वयक प्रतीक हजेला से पूछा है कि जिन लोगों के नाम NRC ड्राफ्ट में शामिल नहीं है, उनसे दोबारा नए दस्तावेज क्यों मांगे जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रतीक हजेला से कहा कि आप हमें यह बताएं कि अगर विरासत बदलने की अनुमति देते हैं तो क्या परिणाम होगा? इसके फायदे क्या होंगे। पांच सितंबर तक बंद लिफाफे में हजेला को रिपोर्ट अदालत में देनी है। वहीं कोर्ट ने ड्राफ्ट पर दावे और आपत्तियां स्वीकार करने की 30 अगस्त की तारीख भी स्थगित कर दी है। न्यायालय ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने के बारे में केन्द्र के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में कुछ विरोधाभासों का जिक्र किया है। जस्टिस रंजन गोगोई और आरएफ नरीमन की बेंच ने ये आदेश दिया है। 

30 जुलाई को जारी हुआ था NRC ड्राफ्ट
30 जुलाई को असम में NRC का अंतिम ड्राफ्ट जारी किया गया था। 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम एनआरसी में शामिल हुए थे। इस ड्राफ्ट में 40,70,707 लोगों के नाम नहीं थे। इनमें से 37,59,630 लोगों के नाम अस्वीकार कर दिए गए थे जबकि 2,48,077 नाम लंबित रखे गए थे। इससे पहले 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि NRC में शामिल न किए गए 40 लाख से ज्यादा लोगों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा था कि अभी यह महज एक ड्राफ्ट है।

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