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... गरबे की धुन पर जमकर थिरके ज्योतिरादित्य सिंधिया

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 29th, 2017 14:45 IST

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... गरबे की धुन पर जमकर थिरके ज्योतिरादित्य सिंधिया

डिजिटल डेस्क, भोपाल। गरबा महोत्सव में भला कौन खुद को थिरकने से रोक सकता है। क्या आम और क्या खास, गरबे की रंगत ही कुछ ऐसी होती है कि सब उत्सव के रंग में सराबोर हो जाते हैं। गुना-शिवपुरी से सांसद और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी गरबे के रंग में रंगे हुए दिखाई दिए। गुरुवार को शिवपुरी के गांधी मैदान पर सिंधिया गरबे की ताल पर झूमते दिखाई दिए। 

अपने संसदीय क्षेत्र में सिंधिया खासे लोकप्रिय हैं और राजघराने के होने के अलावा जनप्रतिनिधि होने के कारण जनता का उनसे खास लगाव है। यही वजह है कि जब सिंधिया शिवपुरी में गरबा उत्सव में पहुंचे तो लोगों का उत्साह भी दोगुना हो गया। और जब झूमते हुए लोगों को सिंधिया का साथ मिला तो फिर कहने ही क्या।

कमलनाथ ने भी किया था गरबा

गरबा उत्सव सामाजिक मेलजोल का एक बेहतर जरिया बनकर उभरा है। हाल ही में छिंदवाड़ा में भास्कर गरबा उत्सव में सांसद कमलनाथ भी गरबा करते दिखे थे। 

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सिंधिया का ये अंदाज है खास

गरबे की धुन पर सिंधिया को इस अंदाज में भले ही पहली बार देखा गया है, लेकिन आम जनता के बीच वो पहले भी थिरकते दिखे हैं। आदिवासी क्षेत्रों में चुनाव प्रचार और जनसंपर्क के दौरान सिंधिया मांदल की थाप पर झूम चुके हैं। वैसे भी अपने नेता का साथ आकर खुशी में शामिल होना जनता को काफी पसंद आता है।

शिवपुरी से है खास रिश्ता

वैसे तो सिंधिया ग्वालियर राजघराने से हैं। लेकिन वो अपनी राजनीति की शुरुआत यानी 2002 से गुना-शिवपुरी सीट से सांसद है। 2014 में सिंधिया चौथी बार सांसद बने हैं। सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे शिवपुरी से ही बीजेपी विधायक हैं। 

बन सकते हैं सीएम कैंडिडेट

माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सीएम कैंडिडेट होंगे। हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने सिंधिया की दावेदारी का समर्थन किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आलाकमान जल्द ही सिंधिया को सूबे में पार्टी का चेहरा घोषित कर देगा।

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लोगों को भाती है आम नेता की छवि

वैसे तो सिंधिया राजघराने से आते हैं। लेकिन अगर उन्हें प्रदेश की राजनीति में सर्व स्वीकार्य बनना है तो 'महाराजा' की छवि को तोड़ना होगा। क्योंकि प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उनकी इसी छवि के सहारे उन पर हमला बोलती है। सिंधिया का मुकाबला भी शिवराज सिंह चौहान से होगा जो बेहद लो प्रोफाइल छवि के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में अगर वो लोगों के दिलों में दस्तक देना चाहते हैं तो जनता के बीच इसी तरह घुलना-मिलना होगा।
 

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