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MP: दशहरा मैदान में होगा सिंधिया का सत्याग्रह, जख्मी किसानों से मिलेंगे

July 27th, 2017 18:20 IST
MP: दशहरा मैदान में होगा सिंधिया का सत्याग्रह, जख्मी किसानों से मिलेंगे

भोपाल. किसान आंदोलन पर अब राजनीति गर्माती जा रही है. सीएम शनिवार से भेल दशहरा मैदान में उपवास शुरु किया था. जिसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सत्याग्रह का ऐलान किया है. सिंधिया 14 जून से 72 घंटे का सत्याग्रह शुरु करेंगे. मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी के मुताबिक, सिंधिया टीटी नगर दशहरा मैदान में सत्याग्रह पर बैठेंगे. 12 जून को सिंधिया इंदौर पहुंचेंगे और पुलिस फायरिंग में जख्मी हुए किसानों से मिलेंगे. घायलों को इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. सिंधिया मंदसौर के खंडूरिया कचान, चिलोद पिपलिया, लोध और नीमच के बरखेड़ा पुंच और नयाखेड़ा गांव भी जाएंगे.

वहीं किसान नेता शिवकुमार शर्मा ने कहा कि अपनी बात रखने के लिए हम 15 जून को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे. इस आंदोलन में मप्र, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में किसान शामिल होंगे. आंदोलन के मद्देनजर 16 जून को दोपहर 12 से 3 बजे तक सभी राजमार्ग बंद रहेंगे. शर्मा ने मोदी सरकार को पूंजीपतियों की सरकार बताते हुए कहा कि आंदोलन को भड़काने में सरकार का ही हाथ है. आंदोलन की शुरुआत से लेकर अब तक 12 किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन मप्र सरकार के मंत्री सिर्फ बयानबाजी ही कर रहे हैं.

मंदसौर गोलीकांड पर नाराजगी जाहिर करते हुए शर्मा ने कहा, पुलिस ने किसानों के हाथ-पैर नहीं बल्कि किसानों के सीने पर गोली मारी है. एमपी के सीएम पर हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए. इतना ही नहीं शर्मा ने कहा कि मप्र की सरकार को बरखास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाना चाहिए.

आंदोलन एक नजर में

  • महाराष्ट्र के बाद 1 जून से मध्य प्रदेश में भी किसानों ने आंदोलन शुरू किया.
  • मध्य प्रदेश के किसानों की मांग है कि उन्हें कर्ज माफी दी जाए, फसलों पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस मिले, जमीन के बदले मुआवजे पर कोर्ट जाने का हक मिले और दूध के रेट बढ़ाए जाएं.
  • सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया था. बाद में मंदसौर, उज्जैन और शाजापुर जैसे राज्य के बाकी हिस्सों में फैल गया.
  • मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई. शुक्रवार को यह हिंसक आंदोलन राजधानी भोपाल के पास फंदा तक पहुंच गया.
  • इसके बाद शिवराज ने शुक्रवार रात फैसला किया कि वे शनिवार को अनशन करेंगे. उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से कहा कि वे भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आएं और मुझसे बात करें
  • मांगें नहीं मानने पर किसान भी शिवराज के सामने ही अनशन पर बैठ गए हैं.
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