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176 साल से जार में बंद है इस सीरियल KILLER का सिर, जानें क्रूरता की पूरी कहानी

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 22nd, 2018 18:51 IST

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डिजिटल डेस्क, लिस्बन। दुनिया के बहुत से देशों में अब भी मानव शरीर को प्रिजर्व करके रखा जाता है। ऐसा साइंस लेबोरेटरीज में भी देखने को मिलता है कि मेंढक, सांप जैसे कुछ जानवरों को लिक्विड सॉल्यूशन में डालकर प्रिजर्व कर दिया जाता है जिससे वो सालों साल सुरक्षित रह सकें, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी यूनिवर्सिटी के बारे में जहां एक इंसान के सिर को ही प्रिजर्व कर दिया गया है।

176 सालों से जार में बंद राज

बताया जा रहा है कि जार में बंद इस शख्स का नाम डिओगो ऐल्वेस था, जो पुर्तगाल का एक सबसे खतरनाक सीरियल किलर था। इस सीरियल किलर के बारे में बहुत सी कहानियां प्रचलित हैं, उसकी दरिंदगी के किस्से आज भी पुर्तगाल की गलियों में आम हैं। 

इन परिस्थितियों ने बनाया सीरियल किलर

कुख्यात सीरियल किलर जिसका नाम सुनते हैं आज भी पुर्तगाल के लोगों की रूह कांप जाती है, उस डिओगो एल्विस का जन्म 1810 में स्पेन के गैलेसिया में हुआ था। गरीब परिवार में जन्मा डिओगो काम की तलाश में बहुत दिन भटकता रहा, आखिरकार वो पुर्तगाल की लिस्बन सिटी पहुंचा लेकिन वहां भी उसे निराशा के अलावा कुछ हाथ न लगा। ऐसे में उसने जुर्म की राह अपना ली और वो पुर्तगाल का सबसे खूंखार सीरियल किलर बन गया। जो उन किसानों को लूटता था जो अपनी अनाज-सब्जियां बेचकर शहर से वापस अपने घर लौटा करते थे।

इस पुल पर बनाता था मासूम लोगों को शिकार

अपनी दरिंदगी का शिकार बनाने के लिए डिओगो ने एक पुल को चुन लिया था, वो वहां से गुजरने वाले राहगीरों को अपना निशाना बनाता था। वो पहले उनसे लूटपाट करता था और फिर बेरहमी से उनकी हत्या कर उन्हें उसी पुल से नीचे फेंक देता था। रोजाना सामने आ रही लाशों के पीछे पहले पुलिस को लगा की शायद आर्थिक तंगी के कारण किसान सुसाइड कर रहे हैं, लेकिन बाद में जांच करने पर पुलिस को पता चला कि इनकी हत्या करके इन्हें नदी में फेंका गया है।

3 साल तक रहा अंडरग्राउड, बनाई खुद की आर्मी

पुलिस की सख्ती के बाद डिओगो ने तकरीबन 3 सालों तक लूटपाट बंद कर दी और अंडरग्राउंड हो गया। उसके बाद उसने अपने ही जैसे गरीब लोगों को अपनी टीम में शामिल करना शुरू कर दिया। वह अपनी गैंग के साथ दिन में अक्सर जंगल में छिपा रहता था। एक दिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने आखिरकार उस खूंखार सीरियल किलर को गिरफ्तार कर लिया। 

70 लोगों को उतारा मौत के घाट

लिस्बन पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे लोगों को क्रूरता से मारने में मजा आता था। वो तब इंसान के शरीर को नोंचता रहता था जब तक वो अपने प्राण न त्याग दे। जिसके चलते 1941 में उसे 70 से अधिक व्यक्तियों की क्रूर हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई।

व्यक्तित्व का पता लगाने के लिए प्रिजर्व किया सिर

डिओगो को जब फांसी दी गई, तब पुर्तगाल में फ्रेनोलॉजी यानि मस्तिष्क विज्ञान एक पापुलर सब्जेक्ट था, जिसके कारण कुछ वैज्ञानिकों ने कोर्ट से अनुरोध किया कि डियागो को फांसी देने के बाद उसका सिर उन्हें दे दिया जाए। वैज्ञानिक यह पता लगाना चाहते थे कि डियागो में इतनी क्रूरता कहां से आई। कोर्ट ने भी आदेश दिए कि डियागो को फांसी देने के बाद उसका सिर वैज्ञानिकों को सौंप दिया जाए। इसके चलते डिओगा का सिर हमेशा के लिए प्रिजर्व कर दिया गया, जो अब भी लिस्बन की यूनिवर्सिटी में रखा हुआ है।

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