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सच्चाई का क्षण! पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने J&K को बताया भारतीय राज्य.. देखें वीडियो

सच्चाई का क्षण! पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने J&K को बताया भारतीय राज्य.. देखें वीडियो

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि J&K भारत का हिस्सा है
  • अब तक पाकिस्तान इसे इंडियन ऑक्यूपाइड कश्मीर बताता था
  • पाक के विदेश मंत्री मानवाधिकार परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए जिनेवा में थे

डिजिटल डेस्क, जिनेवा। सच हमेशा अपने तरीके से सामने आ ही जाता है। आज ठीक वैसा ही हुआ जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि जम्मू और कश्मीर वास्तव में भारत का हिस्सा है। अब तक पाकिस्तान इसे इंडियन ऑक्यूपाइड कश्मीर बताता था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मानवाधिकार परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए जिनेवा में थे।

कुरैशी ने कहा, 'भारत दुनिया को दिखाने की कोशिश कर रहा है कि कश्मीर में सब कुछ नॉर्मल है। अगर ऐसा है तो भारत इंटरनेशनल मीडिया और एनजीओ को इंडियन स्टेट ऑफ जम्मू एंड कश्मीर में जाने क्यों नहीं दे रहा, ताकि वह देख सके की सच्चाई क्या है?' उन्होंने कहा, 'एक बार जब कर्फ्यू हटेगा तो दुनिया को सच्चाई का पता चल जाएगा।'

आज, शाह महमूद कुरैशी ने जो कहा वह भारत दशकों से कहता आ रहा है। लेकिन पाकिस्तान हमेशा वास्तविकता को स्वीकार करने से इनकार करता रहा क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर को पॉक्सी वॉर के माध्यम से हासिल करना चाहता है। वह अपनी सेना के समर्थित और प्रशिक्षित आतंकवादियों का उपयोग कर कश्मीर को हथियाना चाहता है।

दरअसल, आजादी के समय जम्मू और कश्मीर एक स्वतंत्र राज्य था। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की मदद से इसे हासिल करने की कोशिश की। तब जम्मू और कश्मीर के राजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी। भारत ने जम्मू-कश्मीर के स्वतंत्र राज्य होने के चलते मदद करने में असमर्थता व्यक्त की। भारत ने महाराजा को देश में शामिल होने के लिए कहा ताकि वह उनकी मदद कर सके।

इसके बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। एक साल बाद, पाकिस्तान ने फिर से भारत पर हमला किया और इस बार उसने जम्मू-कश्मीर के 35% क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया।

कुरैशी ने कश्मीर को भारत का राज्य मानने वाले बयान से पहले UN मानवाधिकार परिषद में जमकर झूठ बोला। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि हम बात नहीं करना चाहते हैं, हमने कई बार पेशकश की लेकिन भारत उसके लिए तैयार नहीं है।' उन्होंने कहा, 'कश्मीर के हालात को सीमा पार आतंकवाद से जोड़ना सरासर गलत और शर्मनाक है।'

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाए जाने को अब लगभग 40 दिन हो गए हैं। जम्मू में पूरी तरह से हालात सामान्य हैं तो कश्मीर घाटी में अभी धीरे-धीरे पाबंदियों को हटाया जा रहा है। कश्मीर में सामान्य होते हालातों से पाकिस्तान परेशान है और इमरान खान कैबिनेट के मंत्री भड़काऊ बयान देकर लगातार स्थिति को असामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।

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