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शनिश्चरी अमावस्या, जानिए कैसे करें शनिदेव को प्रसन्न

March 15th, 2018 20:30 IST

डिडिटल डिस्क भोपाल। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में शनिवार को आने वाली अमावस्या शनिश्चरी अमावस्या कहलाती है। इस बार शनिश्चरी अमावस्या 17 मार्च 2018 को पड़ रही है। शनिश्चरी अमावस्या शनिदेव को समर्पित मानी जाती है। इस दिन शनिदेव को खुश करने के लिए तिल, जौ और तेल का दान करना लाभकारी होता है। यह अमावस्या मोक्षदायिनी भी कहलाती है। इस दिन अमावस्या होने से शनिवार का महत्व बढ़ जाता है। यह दिन शनि भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।



ऐसे करें शनिदेव को प्रसन्न

हिन्दू धर्म में शनिदेव को कर्मों का दंड देने वाले दंडनायक कहा जाता है। वे मनुष्यों के अच्छे-बुरे सभी कर्मों का उन्हें दंड देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शनिदेव दंड देने के मामले में किसी पर भी दया नहीं करते हैं। लेकिन कुछ उपाय करके आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं।

  • शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का व्रत रखें।
  • व्रत के दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना करें, कवच, स्तोत्र और मंत्र का जाप करें।
  • शनिदेव को तेल, काली तिल चढ़ाएं।
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें और उस पेड़ पर सरसों का तेल चढ़ाएं।
  • सूर्योदय से पहले पीपल की पूजा करने से शनिदेव जल्दी प्रसन्न होंगे।
  • शनिदेव के 108 नामों का जाप करें।
  • शनि मंदिरों में शनि की वस्तुओं जैसे काले तिल, काली उड़द, काली राई, काले वस्त्र, लौहे का पात्र और गुड़ का दान करें।
  • शनि के मंत्र ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का जाप करें।
     

भाग्यविधाता हैं शनि

सूर्यपुत्र शनि भाग्यविधाता हैं। शनिदेव की निश्छल भाव से की गई आराधना का फल भी प्राप्त होता है। शनिश्चरीअमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा उनकी आराधना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। यह दिन अपने द्वारा किये गए कर्मों की क्षमा मांगने के लिए उत्तम दिन होता है। इस दिन सच्चे मन से की गई शनिदेव की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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