comScore

02 फरवरी को है शनिप्रदोष व्रत, जानें व्रत विधि, करें ये उपाय

February 02nd, 2019 14:46 IST
02 फरवरी को है शनिप्रदोष व्रत, जानें व्रत विधि, करें ये उपाय

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदोष व्रत भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा के लिए विशेष दिन होता है। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष) होते हैं। लेकिन शनिवार को पड़ने वाले शनिप्रदोष का विशेष महत्त्व होता है। इस बार शनि प्रदोष का व्रत 2 फरवरी को मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा सदैव आप पर बनी रहती है। 

माना जाता है कि जो व्यक्ति प्रदोष के दिन शिव और पार्वती की पूजा करता है, उसको माता पार्वती के साथ त्रिलोकीनाथ महादेव शंकर दोनों की कृपा प्राप्त होती है। जब शनिवार के दिन प्रदोष होता है तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है इस दिन शिव और माता पार्वती के साथ शनिदेव की भी कृपा प्राप्त होती है।  

शनि प्रदोष व्रत विधि 
शनि प्रदोष व्रत के दिन व्रती को प्रात:काल उठकर नित्य क्रम से निवृत हो स्नान कर शिव जी का पूजन करना चाहिए। पूरे दिन मन ही मन “ऊँ नम: शिवाय ” का जप करें। पूरे दिन निराहार रहें। शनि प्रदोष में विशेष रूप से भगवान को तिल का भोग अर्पित किया जाता है साथ ही दीन, दरिद्र, दुखी, गरीबों को भी भगवान का भोग एवं काला छाता या जूते का दान करते हैं। इससे राशि में चंद्र देव से होने वाले सभी दोषों से शनि की कृपा से मुक्ति मिलती है। इस व्रत के दिन दो बार सुबह और शाम के समय भगवान शिव का पूजन किया जाता है। संध्या की पूजा का बहुत महत्व है क्योंकि सूर्यास्त के पश्चात रात्रि के आने से पूर्व का समय प्रतिदिन का प्रदोष काल कहलाता है। शनिप्रदोष के दिन ये उपाय करने से शनि की कृपा बनी रहेगी। इसके साथ ही आपकी कुंडली में लगा साढ़े साती, ढैया, दशा, महादशा, अन्तर्दशा का प्रभाव कम हो जाता है।

शनि के कुप्रभाव से बचाएंगे ये उपाय
शनि प्रदोष के दिन कांसे की कटोरी में तिल का तेल लेकर उसमें अपने चेहरा की परछाई देखें और फिर उसे शनिदेव का दान लेने वाले व्यक्ति को, दान कर दें। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। शनिप्रदोष के दिन काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, कोयला व लोहे की कील को काले कपड़े में रख कर साफ जल में प्रवाहित कर दें। इस दिन काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं और गाय के माथे पर कुमकुम का टीका लगाकर गाय की पूजा करें। शनि प्रदोष व्रत कर यह उपाय आप हर शनिवार को भी कर सकते हैं। इससे शनिदेव आपसे प्रसन्न होंगे और शनि से मिल रहे कष्ट कम या समाप्त होंगे। शनि प्रदोष के दिन काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी हुई रोटी में गुड़ लगाकर खिलाएं।

शनि स्तोत्र का पाठ
शनि प्रदोष के दिन शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि के अशुभ प्रभाव के कारण जीवन में आ रहे कष्टों में कमी आती है। व्रत करने वाले जातक को इस दिन कम से कम 11 बार यह पाठ अवश्य करना चाहिए। शनि प्रदोष के दिन शनि यंत्र की प्रतिष्ठा कर यंत्र के उसके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा नीले या काले रंग का कोई फूल चढ़ाएं। साथ ही यंत्र के सामने बैठकर शनि के इस मंत्र का जाप करें। 'ऊं शं शनैश्चराय नम:' ये उपाय करने से सभी प्रकार के रोगों से, कर्ज, मुकदमे, धन सम्बन्धी आदि समस्याओं से राहत मिलती है। नौकरी करने वाले लोगों की प्रगति के लिए भी यह उपाय बहुत ही कारगर है।

ये उपाय भी करें
शनिदेव को हनुमान जी ने जब रावण के बंदीग्रह से मुक्त किया था। तब शनि देव ने यह वचन दिया था कि वे हनुमान की आराधना करने वालों को कभी भी कोई कष्ट नहीं देंगे। तब से शनि के दोषों से बचने के लिए शनि के साथ-साथ हनुमान जी के भी उपाय किए जाने लगे हैं, और शनि को शान्त करने के लिए हनुमान जी की आराधना की जाए तो मनोकामना शीघ्र ही पूरी हो जाती है। आइये जानते हैं हनुमान जी कैसे करें आराधना जिससे शनि देव भी प्रसन्न हों। 

- शनि प्रदोष के दिन जैसे शनिदेव को तिल, तेल, काले वस्त्र आदि चढ़ाए जाते हैं। वैसे ही हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन, फूल, चावल व लाल वस्त्र चढ़ाएं। साथ ही हनुमान जी को गुड़ से बनी सामग्री का भोग लगाएं इससे हनुमान जी के साथ-साथ शनिदेव भी आपसे बहुत प्रसन्न होंगे और उनकी अनन्य कृपा आपको प्राप्त होगी।

- जिनकी साढ़े-साती, दशा, अन्तर्दशा या ढैया चल रही हो उन्हें आज के दिन हनुमान जी पर चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए। 

- बरगद के 21 पत्ते या मदार या ढाक के पत्तों की काले धागे में माला बनाकर पत्तों पर सफ़ेद चन्दन से श्रीराम लिखे और वो माला हनुमान जी को पहनाएं साथ में लौंग लगा हुआ पान का बीड़ा हनुमान जी पर चढ़ाने से शनि बाधा से शीघ्र मुक्ति मिलती है। 

- आठ बादाम लेकर उन्हें हनुमान जी के चरणों से स्पर्श कर आधे बादाम काले कपड़े में बांधकर घर की पश्चिम दिशा में छुपाकर रखने से शनि का कोप शांत होता है, बाकी आधे हनुमान जी को ही अर्पित कर दें।

कमेंट करें
1kfjq