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राहुल ने एक बार कहा था माल्या अच्छे आदमी हैं, शिकायत न करें : वसीम रिजवी

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 13th, 2018 19:55 IST

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राहुल ने एक बार कहा था माल्या अच्छे आदमी हैं, शिकायत न करें : वसीम रिजवी

News Highlights

  • मेरठ में शिया वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी पर माल्या की कंपनी की अवैध शराब फैक्ट्री से जुड़ा मामला
  • वसीम रिजवी बोले- राहुल गांधी ने शिकायत न करने के लिए बनाया था दबाव


डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रेल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने दावा किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने एक समय उन पर माल्या के खिलाफ शिकायत न करने के लिए दबाव बनाया था। शिकायत का यह मामला मेरठ में शिया वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी पर माल्या की कंपनी की अवैध शराब फैक्ट्री से जुड़ा हुआ है। वसीम रिजवी ने यह बयान माल्या के देश छोड़ने से पहले बैंक कर्ज के सेटलमेंट के लिए अरुण जेटली से मुलाकात के दावों और उस पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर दिया है।

रिजवी ने कहा, 'शिया वक्फ बोर्ड ने एक बार अपनी प्रॉपर्टी पर माल्या की अवैध शराब फैक्ट्री के विरोध में शिकायत की थी, जिस पर कांग्रेस सरकार के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।' रिजवी ने बताया, 'जब वक्फ बोर्ड को पता चला कि यहां अवैध रूप से शराब की फैक्ट्री चलाई जा रही है, तो हमने उनको नोटिस दिया। हमनें फैक्ट्री को सील करने और माल्या के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायत की। जब इस पर कार्यवाही नहीं हुई तो मैंने तत्कालीन मेरठ SSP दुबे से बात की। इस पर उन्होंने एक्शन लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने बताया था कि हम न तो फैक्ट्री सील करेंगे और न विजय माल्या के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे।'

वसीम रिजवी ने बताया, 'इसके बाद मैंने जब बड़े अधिकारियों से बात करना शुरू की तो मेरे पास कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का फोन आया और उन्होंने मेरी बात राहुल गांधी से कराई। राहुल गांधी ने मुझसे कहा कि विजय माल्या शरीफ आदमी है, आप जो कार्रवाई कर रहे हैं वो मत कीजिए।'

रिजवी ने कहा, 'राहुल गांधी के फोन के बाद मैंने इसकी शिकायत उस समय के चीफ सेक्रेटरी से की और उन्हें बताया कि गुलाम नबी आजाद और राहुल गांधी वक्फ बोर्ड पर माल्या के खिलाफ शिकायत न करने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन भी उन्हीं के दबाव में है, इसलिए FIR दर्ज नहीं की जा रही है। बाद में भी इस मामले पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।'

बता दें कि विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले बैंक कर्ज के सेटलमेंट के लिए अरुण जेटली से मुलाकात के दावों के बाद भारतीय राजनीति में भूचाल आ गया है। बीजेपी और विपक्षी दलों में इस मुद्दे को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल माल्या से सम्बंधों का हवाला देते हुए बढ़ते NPA के लिए मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो इस मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली से इस्तीफे की भी मांग की है। इधर, बीजेपी की ओर से विपक्षी दलों के आरोपों पर पलटवार किया गया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने जहां किंगफिशर एयरलाइंस के गांधी परिवार के होने की ओर संकेत किए हैं। वहीं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे राहुल और माल्या की मिलिभगत का नतीजा बताया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इसे लेकर कांग्रेस पर चोर मचाए शोर की कहावत से निशाना साधा है।

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