comScore
Dainik Bhaskar Hindi

मुनगंटीवार बोले - शिवसेना पर भी विपक्ष को सत्ता दूर रखने की जिम्मेदारी- सहियोगी दल ने कहा हमारे बगैर कैसे जीतोगे इतनी सीटें

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 11th, 2019 21:30 IST

2k
0
0
मुनगंटीवार बोले - शिवसेना पर भी विपक्ष को सत्ता दूर रखने की जिम्मेदारी- सहियोगी दल ने कहा हमारे बगैर कैसे जीतोगे इतनी सीटें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा-शिवसेना की सत्ता को कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के हाथों में जाने से रोकने की जिम्मेदारी शिवसेना के नेताओं की भी है। सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य की मौजूदा सत्ता एक प्रतिशत भी कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस के हाथ में जाने से रोकने के लिए शिवसेना को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में वोटों का बंटवारा रोकने के लिए गठबंधन की जरूरत है यह बात शिवसेना के नेता भी अच्छी तरह से जानते हैं। मुनगंटीवार ने कहा कि शिवसेना से गठबंधन के लिए चर्चा जब करनी होती है तो तब हम बैठक के लिए जगह तय करते हैं। दोनों दलों की बैठक की जगह के बारे में सार्वजनिक रूप से कहना उचित नहीं है। लेकिन इतना तय है कि गठबंधन होगा। केंद्र और राज्य दोनों जगहों पर भाजपा-शिवसेना की सरकार बनेगी। मुनगंटीवार ने विश्वास जताते हुए कहा कि आगामी चुनावों के लिए भाजपा और शिवसेना में गठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर हमें चिंता नहीं है। विपक्षी दल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस को चिंता करने की जरूरत है। इसके पहले मुनगंटीवार ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में दिनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस मौके पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशिष शेलार, विधायक राज पुरोहित, मुंबई भाजपा महासचिव अमरजीत मिश्रा आदि मौजूद थे। 

पालेकर को रोकने वाला कार्यक्रम भाजपा का नहीं 

मुनगंटीवार ने फिल्म अभिनेता-निदेशक अमोल पालेकर के भाषण रोकने के विवाद में कहा कि वह कार्यक्रम भाजपा ने आयोजित नहीं किया था। उस कार्यक्रम के आयोजकों को लगा होगा कि मंच का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए आयोजकों ने फैसला लिया होगा। इसमें मैं ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं समझता हूं। 

पार्टी के 43 सीटें जीतने के दावे का शिवसेना ने उडाया मजाक  

आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की 48 सीटों में से 43 सीटे जीतने का भाजपा का दावा उसके मित्र दल शिवसेना को रास नहीं आया है। पार्टी ने भाजपा के दावे का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि यह मुश्किल और “वास्तविकता से परे” है। शिवसेना ने कहा कि राज्य में स्थिति गंभीर है और हैरानी जताई कि भाजपा महाराष्ट्र में इतनी सीटें जीतने के बारे में सोच भी कैसे सकती है जबकि उसके शासन वाले राज्य इतनी समस्याएं मुंह फैलाए खड़ी हैं और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत भी अधर में है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने शनिवार को पुणे में दावा किया था कि उनकी पार्टी राज्य में लोकसभा चुनावों में 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली सीटों से एक सीट ज्यादा यानि 43 सीटें जीतेगी। उत्तर प्रदेश की 80 सीटों के बाद महाराष्ट्र देश का दूसरा सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला राज्य है जहां लोकसभा की 48 सीटें हैं। अभी केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह ‍भविष्य में अकेले ही चुनाव लड़ेगी। भाजपा ने हालांकि भरोसा जताया है कि उसका शिवसेना के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन हो जाएगा।  शिवसेना ने सोमवार को पार्टी के मुखपत्र में दावा किया कि फिलहाल कुछ मुद्दे राज्य को परेशान कर रहे हैं।  इसमें दावा किया गया, “भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने अहमदनगर में किसानों की बेटियों के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। दूध उत्पादकों और प्याज उपजाने वालों को उपज का अच्छा मूल्य नहीं मिला। शिक्षक सरकारी स्कूलों में खाली पड़े 24 हजार पदों को भरने के लिये प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि राज्य द्वारा संचालित आश्रय गृहों में बीते चार वर्षों में एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।”  मुखपत्र में दावा किया गया कि सरकार के पास इन मुद्दों का कोई समाधान नहीं है लेकिन उसे राज्य में 43 लोकसभा सीटों को जीतने का भरोसा है।
 

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

ये भी देखें

app-download