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एसएनडीएल ने बिजली को लेकर हाथ खड़े किए, विद्युत वितरण में जताई असमर्थता

एसएनडीएल ने बिजली को लेकर हाथ खड़े किए, विद्युत वितरण में जताई असमर्थता

डिजिटल डेस्क, नागपुर। वर्ष 2011 से शहर के 3 विद्युत विभागों की विद्युत वितरण संभाल रही एसएनडीएल ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एसएनडीएल ने आगे विद्युत वितरण करने में असमर्थता दिखाई है। महावितरण के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक संजीव कुमार को लिखे पत्र में एसएनडीएल के व्यावसायिक प्रमुख सोनल खुराना ने साफ किया है कि भले ही एसएनडीएल ने महावितरण को अब तक भरपूर कमा कर दिया है, लेकिन वह स्वयं घाटे में है और अब और घाटा सहने की स्थिति में नहीं है। इस बात का भी उलाहना दिया गया है कि काफी समय से लंबित पड़े उनके क्लेमों को भी उन्हें महावितरण ने दिया है। इससे कंपनी की स्थिति नाजुक हो गई है।

ऊपर से मुख्य कंपनी एस्सेल ग्रुप की भी आर्थिक स्थिति वर्तमान में अच्छी नहीं है। इससे एसएनडीएल आगे व्यवसाय करने में असमर्थ है। पत्र की प्रति महावितरण के निदेशक संचालन, प्रादेशिक निदेशक, कार्यकारी निदेशक, मुख्य अभियंता, ऊर्जामंत्री तथा महावितरण के नोडल अधिकारी को भी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि महावितरण फ्रेंचाइजी को वापस लेने और आर्थिक खातों को तथा एसएनडीएल के क्लेमों के समाधान के लिए एक पंच की नियुक्त शीघ्र करे। 

एसएनडीएल कर्मियों में हड़कंप 

सूत्रों के अनुसार, हैंडओवर का पत्र महावितरण को दिए जाने से कर्मचारियों और वेंडरों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को पिछले 2 वर्ष से पीएलआई (परफार्मेंस लिंकड इंसेंटिव) का भुगतान लटका हुआ है। इसकी राशि करीब 1 करोड़ रुपए है। सूत्रों के अनुसार हैंडओवर का पत्र देने के विरोध में एसएनडीएल कर्मचारियों ने बुधवार से रख-रखाव, बिल कलेक्शन व मरम्मत सहित सभी तरह के काम बंद करने का निर्णय लिया है। इससे सबसे अधिक परेशानी उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें विश्वास में लिए बिना यह निर्णय लिया गया है। पीएलआई मंजूर होने के बाद भी अब तक उसका भुगतान नहीं किया गया है। 

आज होने जा रही है बैठक

एसएनडीएल ने पत्र सौंपा है। करार व प्रक्रिया के अनुसार महावितरण पहले एसएनडीएल को अंतिम टर्मिनेशन लेटर जारी करेगी। समयावधि समाप्त होने के बाद आर्बिट्रेटर नियुक्त होगा। मंगलवार की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका। बुधवार को पुन: बैठक होगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।  -चंद्रशेखर बावनकुले, ऊर्जामंत्री

एसएनडीएल ने मुख्यालय में पत्र दिया है। मुख्यालय जो भी निर्णय लेगा और उसके अनुसार जो भी निर्देश देगा, उस हिसाब से कार्य किया जाएगा। - योगेश विटनकर, प्रवक्ता, प्रादेशिक निदेशालय नागपुर

एसएनडीएल ने महावितरण को फ्रेंचाइजी छोड़ने का पत्र दिया है। महावितरण उस पर निर्णय लेगा। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। दीपांशु खिरवडकर, प्रवक्ता, एसएनडीएल
 

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