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सोनिया की डिनर डिप्लोमैसी: ये बड़े नेता बने मेहमान

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 13th, 2018 22:51 IST

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सोनिया की डिनर डिप्लोमैसी: ये बड़े नेता बने मेहमान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखाने के लिए विपक्ष अभी से एकजुट होने लगा है।  मंगलवार शाम को सोनिया गांधी के घर डिनर रखा गया जिसमें 17 विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए। इस डिनर में शामिल होने के लिए जेवीएम के बाबूलाल मरांडी, डीएमके से कनिमोझी और एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल पहुंचे। इनके अलावा राजद के तेजस्वी यादव, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी, उमर अब्दुल्ला भी सोनिया गांधी के इस सियासी डिनर में शामिल हुए।

एनसीपी के शरद पवार और तारिक अनवर के अलावा बीएसपी के सतीश चंद्र, कांग्रेस के एके एंटनी, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, रणदीप सिंह सुरजेवाला और गुलाम नबी आजाद भी इस सियासी भोज में सोनिया गांधी के मेहमान बने। इनके अलावा और भी कई बड़े नेता सोनिया गांधी के डिनर में पहुंचे। 


कांग्रेस की इस 'डिनर डिप्लोमेसी' के क्या मायने?

1. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के। चंद्रशेखर राव की बीजेपी के खिलाफ 'थर्ड फ्रंट' बनाने की बात कही है। इस थर्ड फ्रंट के लिए राव ने ममता बनर्जी से बात की, लेकिन कांग्रेस से कोई बात नहीं की। इससे विपक्षी पार्टियों में कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही थी। अब डिनर के बहाने सोनिया गांधी विपक्ष को अपने साथ लाना चाहती हैं।

2. हाल ही में नॉर्थ-ईस्ट के तीनों राज्यों में हार के बाद कांग्रेस का मनोबल टूटा है और उसके बाद चंद्रशेखर राव की तरफ से थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश ने कांग्रेस को आहत किया है। लिहाजा कांग्रेस को ऐसे हालातों से निपटने के लिए कुछ न कुछ तो कदम उठाने ही थे।

3. इस डिनर के जरिए सोनिया गांधी ये बात साबित करना चाहती हैं कि बीजेपी और NDA के खिलाफ जो महागठबंधन बनेगा, उसकी कमान कांग्रेस के पास ही होगी।

4. ममता बनर्जी और चंद्रशेखर राव थर्ड फ्रंट बनाने की बात कह रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कद कम होगा, जो सोनिया को मंजूर नहीं है। क्योंकि इससे कांग्रेस और कमजोर हो जाएगी। इस कारण सोनिया डिनर डिप्लोमेसी के जरिए बाकी विपक्षी पार्टियों को शामिल करने की कोशिश कर रही हैं।

5. सबसे बड़ी बात राजनीति में बदलते वक्त के साथ रणनीति बदलना भी जरूरी है और सोनिया भी वही कर रहीं हैं। इस डिनर में सोनिया ने उन पार्टियों को खासतौर से इनवाइट किया है, जो न ही NDA का हिस्सा हैं और न ही UPA का।

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