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तिरपाल के नीचे लग रही बच्चों की पाठशाला, पांच साल में नहीं मिला भवन

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 13th, 2018 16:01 IST

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तिरपाल के नीचे लग रही बच्चों की पाठशाला, पांच साल में नहीं मिला भवन

डिजिटल डेस्क, मंडला। शासन ने बच्चों के भविष्य को बेहतर करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम बनाया है। लेकिन मंडला में गुणवत्तायुक्त शिक्षा तो दूर की बात बच्चों को बैठने के लिए जगह शासन-प्रशासन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। घुघरी विकासखंड की ग्राम पंचायत छतरपुर के टोपीटोला में पांच साल से प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है, यहां स्कूल भवन नहीं मिला है, जिसके कारण निजी मकान के आंगन में तिरपाल के नीचे बारिश के मौसम में स्कूल लग रहा है। स्कूल भवन नहीं होने के कारण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 

जानकारी के मुताबिक घुघरी विकासखंड की ग्राम पंचायत छतरपुर के टोपीटोला में 16 जून 2014 में नवीन प्राथमिक शााला की शुरूआत की गई। पहले साल यहां दर्ज संख्या महज आठ थी। अब इस स्कूल में 32 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। कक्षा एक में 7, कक्षा 2 में 8, कक्षा 3 में 4, कक्षा 4 में 3 और कक्षा 5 में 10 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल का संचालन पांच साल से हो रहा है, लेकिन यहां भवन स्वीकृत नहीं किया गया है। गांव में कोई सरकारी भवन भी नहीं है। जिसके कारण निजी भवन में स्कूल लगाया जा रहा है। 

गांव के हरेसिंह केराम ने एक कच्चा कमरा स्कूल संचालन के लिए दिया है। यहां कमरा छोटा होने के कारण 32 बच्चे एक साथ नही बैठ सकते, जिसके कारण स्कूल की कक्षाओं को संचालन खुले आसमान के नीचे आंगन में लगानी पड़ रही है। 

प्रस्ताव बने स्वीकृति नहीं मिली
स्कूल भवन के लिए स्कूल प्रबंंधन के कई बार आवेदन किया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया गया है। भवन के लिए प्रस्ताव भी बने हैं। कागजी कार्रवाई लगातार हो रही है, लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृति नहीं मिली है। जिसके कारण बच्चों को स्कूल नहीं मिल पा रहा है। बच्चों के भविष्य को लेकर प्रशासन जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिसके कारण समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। 

आंदोलन के लिए तैयारी
ग्रामीणों ने स्कूल भवन निर्माण कराने की मांग जिला कलेक्टर से की है। जिला मुख्यालय आकर जनपद सदस्य जनिया मरावी के नेतृत्व में कलेक्टर को टोपीटोला की समस्या से अवगत कराया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि स्कूल भवन की स्वीकृति दिलाकर निर्माण कार्य कराया जाए। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देगा तो ग्रामीण धरना, प्रर्दशन और आमरण अनशन भी करेंगे। 

इनका कहना है
राज्य शिक्षा केंद्र से भवनो की स्वीकृति नहीं मिली है। टोपीटोला में सरकारी भवन भी नही है, प्रयास किये जाएगे कि यहां व्यवस्था बन जाए, जिससे बच्चों को परेशानी नही हो। 
भारतसिंह मसराम, बीईओ घुघरी
 

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