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लाइट, टॉयलेट नहीं तो पत्नी ने किया ससुराल जाने से इनकार

August 27th, 2017 19:07 IST
लाइट, टॉयलेट नहीं तो पत्नी ने किया ससुराल जाने से इनकार

डिजिटल डेस्क, बस्ती। प्रदीप की शादी को कुछ ही दिन हुए थे कि अचानक पत्नी नाराज होकर मायके चली गयी और अब वह ससुराल आने के लिए तैयार नहीं है। इस नाराजगी की वजह दहेज नहीं, गांव में लाइट और टॉयलेट का नहीं होना है।

आजादी के बाद से ही लाइट नहीं

बस्ती के गांव हियारूपुर में आजादी के बाद से अब तक बिजली नही आ पाई है। 2014 में बिजली को लेकर थोड़ी सी उम्मीद जगी थी और तो और उस दौरान गांव में घर-घर जाकर कई लोगों को कनेक्शन बांटे गए थे। बिजली के पोल भी लग गये थे पर तार और और ट्रांसफॉर्मर नहीं लगने से बिजली की सुविधा अभी तक लोगों को नहीं मिल पाई है। इस समस्या को लेकर गांव के लोगो ने कई बार प्रदर्शन भी किया, पर नतीजा आज तक बेअसर। गांव में बिजली, टॉयलेट और सड़क नहीं होने की सजा युवाओं, खासकर महिलाओं को भुगतनी पड़ रही है और लगभग 2 दर्जन से ज्यादा कुंवारे बैठे हैं गांव में। अगर शादी के लिए कोई आता भी है तो गांव की खस्ता हालत देखकर उल्टे पांव लौट जाता है। 

कोई लड़की ब्याहना नहीं चाहता

जिनकी शादी किसी तरह हुई भी तो उनकी पत्नियां ज्यादा दिन तक गांव में टिक नहीं पाईं। गांव की हालत और असुविधा देख, निराश होकर मायके वापस जाने वाली बहुओं ने मांग की है कि जब तक बिजली और टॉयलेट की सुविधा नही होगी, तब तक वह ससुराल नही आएंगी। इस हालत के शिकार एक युवक ने बताया कि 2015 में मेरी शादी हुई थी। और तभी बिजली का कनेक्शन हुआ था। इसलिए दहेज में फ्रिज, टीवी, कूलर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान ले लिए थे। अब बिजली नहीं होने की वजह से फ्रिज में किताबें और घरेलू सामान रखकर, उसे अलमारी बना दिया है, जबकि अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम जैसे कि कूलर और टीवी धूल खा रहे हैं। जब शादी के कुछ दिन तक बिजली और टॉयलेट की सुविधा का समाधान नहीं हुआ तो पत्नी नाराज होकर मायके चली गई, और हम अभी तक उसके इंतजार में बैठे हुए है। अब तो ये समझ नहीं आ रहा कि किस तरह और कब इस संकट का समाधान होगा। बिजली विभाग के चीफ इंजिनियर ओपी यादव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है और स्थानीय जेई को मौके पर जाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। वैसे भी 2018 तक जिले के सभी गांव को बिजली से जोड़ दिया जाएगा। 

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