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वडाली बंधुओं का साथ टूटा, प्यारेलाल वडाली का हार्टअटैक से निधन

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 25th, 2018 15:18 IST

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डिजिटल डेस्क, अमृतसर। दुनियाभर में अपनी सूफी गायकी का जादू बिखेरने वाली वडाली ब्रदर्स की जोड़ी टूट गई। पदमश्री पूर्णचंद वडाली के छोटे भाई प्यारे लाल वडाली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। प्यारे लाल कुछ समय से बीमार चल रहे थे और गुरुवार को उन्हें हार्टअटैक आ गया था। जिसके बाद उन्हें अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल दाखिल करवाया गया था, जहां शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। प्यारे लाल वडाली ने बॉलीवुड समेत पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को कई गीत दिए हैं। प्यारे लाल वडाली के भतीजे लखविंदर वडाली ने उनके निधन की पुष्टि की है।

अब नहीं गूंजेगी सूफियाना आवाज

वडाली ब्रदर्स अमृतसर के पास की एक गांव से हैं और दोनों को पंजाबी सूफी गायक के तौर पर जाना जाता है। दोनों ने अपने करियर की शुरुआत जलंदर में हरबल्लाह टेम्पल में अलग-अलग तरह के गीत गाने से शुरू किया था। दोनों यहां काफियान, गजल और भजन गाया करते थे। बॉलीवुड में इनकी जोड़ी गाने ए रंगरेज मेरे  (तनु वेड्स मनु) और इक तू ही तू (मौसम) जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। दोनों की यह जोड़ी कुछ पुराने कवि जैसे बुल्ले शाह, कबीर, अमिर खुसरो और सूरदास के जैसी थी।

प्यारेलाल कुछ वक्त से बीमार थे। इसलिए पूरणचंद अपने बेटे लखविंदर वडाली के साथ स्टेज शेयर कर रहे थे। लखविंदर भी क्लासिकल सिंगिंग का उभरता हुआ नाम हैं। प्यारेलाल वडाली 66 साल के थे, प्यारेलाल को किडनी से संबंधित बीमारी थी। बता दें कि पूरनचंद 25 सालों तक अखाड़े में पहलवानी करते थे, जबकि प्यारेलाल गांव की रासलीला में कृष्ण बनकर घर की आर्थिक मदद करते थे। एक बार वडाली ब्रदर्स ने कहा था कि भरोसा ही नहीं हुआ कि जो लोग स्कूल नहीं गए उन्हें सरकार सम्मानित करती है। 

मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें करीब 20 वर्ष पहले तुलसी सम्मान से नवाजा था। दोनों भाइयों ने पिछले साल मध्य प्रदेश के जबलपुर और भोपाल शहरों में अपनी प्रस्तुति दी थी. उस वक्त वडाली ब्रदर्स ने अपनी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं को शेयर किया था। शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल ने प्यारेलाल वडाली के निधन पर दुख जताया है।

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