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मृत घोषित बालक को जीवत बता आयुर्वेद डाक्टरों ने करी इलाज करने की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

October 16th, 2018 17:03 IST
मृत घोषित बालक को जीवत बता आयुर्वेद डाक्टरों ने करी इलाज करने की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। सर्पदंश के शिकार बालक को जहां ऐलीपैथी डाक्टरों ने मृत घोषित किया वहीं आयुर्वेद डाक्टर उसे जीवित बताते हुए ठीक करने का दावा कर रहे थे। आयुर्वेद डाक्टर उपचार शुरू करते इसके पहले ही पुलिस ने उन्हें देर रात हिरासत मे ले लिया।  जिसके कारण ग्राम घोटी के नागरिकों में रोष निर्माण हो गया तथा नागरिकों द्वारा गिरफ्तार किए गए डाक्टरों को तुरंत छोडऩे की मांग करते हुए मंगलवार को  गोरेगांव पुलिस थाने पर मोर्चा ले जाया गया। गोंदिया-कोहमारा मार्ग पर चक्काजाम किया गया। इस दौरान सडक़ पर टायर जलाए गए। जिससे गोरेगांव में तनाव की स्थिति निर्माण हो गई ।

बीजीडब्ल्यू अस्पताल में डाक्टरों ने किया मृत घोषित
गौरतलब है कि गोरेगांव तहसील के घोटी निवासी आदित्य गौतम की सर्पदंश से रविवार 14  अक्टूबर को मौत हो गई थी। बीजीडब्ल्यू अस्पताल गोंदिया के डाक्टरों ने उसे मृत घोषित किया था। इस बीच बालाघाट के आयुर्वेदिक डाक्टर नवीन लिल्हारे ने सर्पदंश से मृत बालक को अपने उपचार से जीवित करने का दावा किया था। मृत बालक का उपचार करने के लिए वे बालाघाट से अपने दो-तीन सहयोगियों के साथ सोमवार की रात गोरेगांव पहुंचे। जहां से वे घोटी जाने वाले थे। लेकिन एक बार मृत व्यक्ति दोबारा जीवित नहीं हो सकता तथा यह अंधश्रद्धा निर्माण करने का एक प्रकार है। यह कहते हुए गोरेगांव पुलिस ने डाक्टर लिल्हारे एवं अन्य दो को सोमवार की रात 12  बजे के दौरान हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने आयुर्वेद डाक्टरों को बीच में ही किया गिरफ्तार
पुलिस ने आयुर्वेद डाक्टर को घोटी नहीं पहुंचने दिया। जिसके कारण बालक के प्राण नहीं बचाए जा सके। ऐसा आरोप लगाते हुए घोटी के नागरिकों ने 16  अक्टूबर को मोर्चा निकालकर चक्काजाम किया । इस दौरान दुर्गा चौक में संतप्त लोगों द्वारा पुलिस पर पत्थर फेंके जाने पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर उन्हें तितर-बितर करने की जानकारी भी मिली है। जिसके कारण गोरेगांव में तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए गोरेगांव में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

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